दिल्ली वालों को ही मुफ्त दवा की सुविधा भी मिलेगी। जबकि रक्त जांच, एक्सरे जैसी सामान्य सुविधाएं सभी के लिए निशुल्क रहेंगी। इसके अलावा अस्पताल की आपातकालीन सेवाएं भी सभी मरीजों के लिए रहेंगी। उन्होंने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत अस्पताल में दिल्ली वालों के लिए 80 फीसदी बिस्तर और बाहरी राज्य के मरीजों को 20 फीसदी बिस्तर आरक्षित रहेंगे।
इस प्रोजेक्ट को लेकर मरीजों और तीमारदारों को जानकारी देने के लिए जीटीबी अस्पताल को निर्देश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री का कहना है कि अस्पतालों में दिल्ली वासियों को भर्ती, जांच, दवाएं, ऑपरेशन आदि सुविधाओं में वरियता दी जाएगी।
अगर कोई मरीज 18 वर्ष की आयु से कम है तो उसे अपने माता-पिता का पहचान पत्र अस्पताल में दिखाना होगा। दिल्ली का पहचान पत्र होने के बाद ही उसे चिकित्सीय सुविधाओं में वरीयता दी जाएगी। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और जीटीबी प्रबंधन मौजूद था।