शासन ने उपभोक्ताओं को पावर कारपोरेशन अधिकारियों-कर्मचारियों के शोषण से बचाने को फोरम को कई नए अधिकार दिए हैं। विद्युत उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम अब उपभोक्ताओं से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई कर सकेगी।
फोरम का निर्णय अधिकतम 45 दिन में आ जाएगा। फोरम के अध्यक्ष और रिटायर्ड जज एके अग्रवाल ने बताया कि पीवीवीएनएल के प्रत्येक पावर स्टेशन, कारपोरेशन अफसर के आफिस और बिलिंग सेंटर पर फोरम में शिकायत करने का तरीका और फोरम लगने की तारीख लिखनी होगी। हर महीने की 10 तारीख को फोरम लगेगी।
इन मामलों की भी होगी सुनवाईः फोरम के टेक्नीकल अफसर रिट. एसई डीसी अग्रवाल ने बताया कि बिल गलत आने, कनेक्शन कटने, मीटर गलत लगने, गलत रीडिंग देने, कनेक्शन न देने, रिश्वत मांगने, ट्रांसफार्मर खराब होने, बिजली न मिलने आदि की शिकायतों की भी सुनवाई होगी। अभी तक फोरम का दायरा सीमित था।