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गोपाल कांडा को फिर खानी पड़ेगी जेल की हवा!

Fri, 28 Mar 2014 10:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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पूर्व एयर होस्टेस आत्महत्या मामले में मुख्य आरोपी हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा को जमानत प्रदान करने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। मृतका के भाई ने आवेदन दायर कर जमानत रद्द करने का आग्रह किया है।
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कांडा को ट्रायल कोर्ट ने 18 माह जेल में रहने के बाद 4 मार्च को ही जमानत प्रदान की थी। गीतिका के भाई ने याचिका में तर्करखा है कि कांडा काफी प्रभावशाली है और ट्रायल कोर्ट ने जमानत प्रदान करते हुए इस तथ्य को दरकिनार किया है।

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उन्होंने कहा जमानत पाने के बाद आरोपी साक्ष्यों को नष्ट करने के अलावा गवाहों को भी प्रभावित कर सकता है। अत: उसकी जमानत रद्द की जाए। इस याचिका पर संभवत: सोमवार को सुनवाई होगी।
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रोहिणी जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश यशवंत कुमार ने कांडा को जमानत प्रदान करते हुए कहा था कि आरोपी पिछले 18 माह से जेल में बंद है और सह आरोपी अरुणा चड्ढा को हाईकोर्ट ने जमानत प्रदान कर दी है।

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अदालत ने बचाव पक्ष के उस तर्क को स्वीकार कर लिया था कि उनके मुवक्किल पर यौन शोषण व रेप के मामले में तय अभियोग को हाईकोर्ट ने हटा दिया है। अब उनके मुवक्किल पर मात्र आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है।

अरुणा चड्ढा को डेढ़ साल बाद हाईकोर्ट ने 10 फरवरी को सशर्त जमानत प्रदान की थी। अरुणा आठ अगस्त 2012 से हिरासत में थी जबकि गोपाल कांडा 18 अगस्त 2012 से हिरासत में है।

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गीतिका ने 5 अगस्त 2012 को अशोक विहार स्थित अपने निवास पर आत्महत्या कर ली थी। उसने आरोप लगाया था कि कांडा व अरुणा उसे अपनी कंपनी में पुन: वापस आने के लिए परेशान कर रहे थे। पुलिस ने गोपाल कांडा व अरुणा चड्ढा के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया था।
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