फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ग्राम पंचायत सराय की 61 एकड़ भूमि पर दबंगों का कब्जा

Sat, 20 Feb 2016 06:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
विज्ञापन
विज्ञापन
खंड की पंचायत भूमि पर दबंग व भूमाफियों का कब्जा है। रंगाला, बिस्सर व सराय ग्राम पंचायतों ने पंचायत भूमि से कब्जे को हटाने के लिए शासन प्रशासन सहित उपमंडलाधीश की कोर्ट में पंचायत जमीन को खाली कराने के लिए मामला दायर किया हुआ है।
विज्ञापन


ग्राम पंचायत सराय की जमीन पर अवैध कब्जे को हटाने का आदेश कोर्ट ने पारित किया हुआ है लेकिन बावजूद इसके करोड़ाें रुपये की बेशकीमती जमीन से अभी तक अवैध कब्जा नहीं हट पाया है।

सरकारी जमीनों पर कब्जे की चर्चाएं कोई नई नहीं हैं। जिस तरह प्रशासन शहर में होने वाले सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण को प्राथमिकता के साथ हटाता है, वैसी तत्परता से अगर ग्रामीण क्षेत्र की सरकारी भूमि का अतिक्रमण हटाया जाए, तो शासन के पास सैकड़ों एकड़ जमीन होगी।
विज्ञापन


कस्बे व नगर में होने वाले कब्जे तो प्रशासन को दिखाई दे जाते हैं, लेकिन वे अतिक्रमण प्रशासन के नुमाइंदे क्यों नहीं देखते, जो पंचायत की  भूमि पर होते हैं।

ग्राम पंचायत सराय की पूर्व सरपंच बिमला का कहना है कि पंचायत की करीबन 61 एकड़ भूमि पर एक रिर्सोट कंपनी ने लंबे समय से कब्जा किया हुआ है।

इसकी शिकायत उसने अपने कार्यकाल में प्रशासन से  की थी। जब कब्जे नही हटे तो यह मामला पंचायत की ओर से कोर्ट में दायर किया गया। कोर्ट की ओर से पंचायत के हक में फै़सला किया जा चुका है।

आदेश के करीबन 10 महीने बाद भी पंचायत की यह जमीन कब्जे से मुक्त नहीं हो पाई है। इससे पंचायत की आमद को भारी नुकसान हो रहा है।

ग्राम पंचायत बिस्सर के पूर्व सरपंच सोमल का कहना है की दबंग व बाहर के लोगों ने पंचायत जमीन पर कब्जा किया है। कुछ लोगों ने तो चारदीवारी कर कब्जा किया हुआ है।

प्रशासन से मामले की शिकायत की गई। कोर्ट में भी मामला दायर किया। इसके बाद भी पंचायत जमीन मुक्त नहीं हो सकी है।

गांव रंगाला पंचायत के पूर्व सरपंच अख्तर अली का भी कुछ ऐसा ही कहना है। वह कहते है कि पंचायत जमीन पर नाजायज कब्जे की वह प्रशासन व कोर्ट में शिकायत कर चुके हैं।

उनका कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन की ओर से अवैध कब्जों को हटाने की कोई कार्रवाई नहीं की गई तो पंचायतों जमीनों का अस्तित्व  संकट में आ जाएगा।
 
जिला उपायुक्त मेवात केएम पांडूरंग का कहना है की इस तरह का कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है। पंचायत जमीन पर अवैध कब्जे किसी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा।

अगर किसी भूमाफिया या  कंपनी की ओर से कोई कब्जा किया गया है। तो इसके विरूद्व कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा किसी भी पंचायत में अवैध कब्जा की कोई शिकायत है तो उन्हें शिकायत दे सकते है।

उपमंडलाधीश  नूंह का इस बारे में कहना है कि उन्होंने हाल ही में पदभार ग्रहण किया है। अगर ऐसे कोई मामला है, तो इस मामले की जानकारी लेकर उचित कार्रवाई अमल में लाई जायेगी।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें