जाट आंदोलन के चलते प्रभावित होने वाली ट्रेनों के टिकट वापसी को लेकर शुक्रवार की रात यात्रियों ने आरक्षण केंद्र और टिकट खिड़की पर हंगामा किया। क्योंकि देररात तक ट्रेनों के परिचालन पर अनिश्विचता बनी रही।
दिल्ली कंट्रोल में बैठे रेलवे अधिकारी भी ये नहीं बता पा रहे थे कि कौन सी ट्रेन चलेगी और कौन सी निरस्त रहेगी। 12926 पश्चिम एक्सप्रेस को रात करीब पौने आठ बजे निरस्त होने की घोषणा की गई।
इस ट्रेन से आरक्षण करा चुके यात्रियों ने रिफंड लेने के लिए हंगामा किया। आरक्षण काउंटर पर कम्प्यूटर में वापसी स्वीकार नहीं हो रही थी। ऐसे में उच्चाधिकारियों से बात कर मैनुअल तरीके से टिकटों की वापसी की गई।
वहीं दूसरी ओर दोपहर तीन बजे के बाद आगरा जाने के लिए कोई ट्रेन न होने के कारण यात्री देररात तक स्टेशन पर यूं वही सामान व बच्चों को लेकर बैठे रहे।
पूछताछ केंद्र पर रेलवे कर्मचारी और यात्रियों के बीच गाली-गलौच व मारपीट तक की नौबत पैदा हो गई थी। क्योंकि रेलवे कर्मचारी को ट्रेनों के सही परिचालन की जानकारी कंट्रोल से नहीं मिल पा रही थी और वह यात्रियों को कुछ भी नहीं बता पा रहे थे। ये हालात देररात तक बने रहे।
उजागर हुई रेलवे की लापरवाही
रेलवे अधिकारियों की लापरवाही का आलम ये रहा कि लोग अमृतसर से बांद्रा टर्मिनल जाने वाली 12926 पश्चिम एक्सप्रेस के इंतजार में ओल्ड रेलवे स्टेशन पर बैठे रहे लेकिन कोई अधिकारी ये बताने के लिए तैयार नहीं था कि उक्त ट्रेन चलेगी या फिर निरस्त रहेगी।
यहां से रेलवे कर्मचारी दिल्ली कंट्रोल से गाड़ी की जानकारी के बारे में पूछते रहे लेकिन कोई अधिकारी गाड़ी के परिचालन के बारे में नहीं बता पा रहा था।
रात करीब पौने आठ बजे इस ट्रेन के निरस्त होने की सूचना दी। इसके बाद रेलकर्मियों ने आरक्षण कराए 18 से अधिक यात्रियों का टिकट वापस कर मैनुअल तरीके से किराया रिफंड किया। यही स्थिति 11058 दादर एक्सप्रेस, 12920 मालवा एक्सप्रेस और 11077 झेलम एक्सप्रेस गाडिय़ों की बनी रही।