गोल्फ कोर्स सहकारी आवास समिति का मामला रेरा के पास पहुंच गया है। समिति के कुछ सदस्यों ने शिकायत पर सोमवार को रेरा के कंसिलिएशन फोरम ने बैठक की। बैठक में समिति को पुर्नजीवित करने का फैसला लिया गया है।
उसके बाद समिति के प्रोजेक्ट पर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। कंसिलिएशन फोरम के कंसीलिएटर आरडी पालीवाल ने बताया कि सेक्टर पाई में गोल्फ कोर्स सहकारी आवास समिति ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से वर्ष 2005 में भूखंड़ का आवंटन कराया था।
समिति ने शिवकला चाम्र्स नाम के प्रमोटर को सोसायटी का निर्माण करने की जिम्मेदारी दे दी। समिति में कुल 350 सदस्य है। करीब 100 को फ्लैट आवंटित किए गए थे। उन्होंने बताया कि उसी दौरान किसी ने जिलाधिकारी से शिकायत की और आरोप लगाया कि एक फ्लैट को कई बार बेच दिया गया है।
साथ ही बैंक ने भी एक फ्लैट पर अलग-अलग लोगों को ऋण दे दिया है। डीएम ने सीडीओ की अध्यक्षता में एक समिति का गठन कर जांच करवाई। जांच में गड़बड़ी निकली। प्रशासन की तरफ से कार्रवाई की गई।
कंसीलिएटर ने बताया कि वर्ष 2008 में चुनाव नहीं होने के कारण गोल्फ कोर्स सहकारी आवास समिति कर दिया। तब से यह मामला ऐसे ही पड़ा है। अब समिति के सदस्य नीरज कुमार, एके सिंह व राधा सिंह समेत अन्य ने रेरा में शिकायत की।
उनकी शिकायत पर सोमवार को एक बैठक बुलाई गई। बैठक में प्राधिकरण के साथ-साथ सहायक आवास समिति अधिकारी मेरठ भी मौजूद रहे। बैठक में समिति को पुनर्जीवित करने फैसला लिया गया है। ताकि प्रबंधन समिति का चुनाव कराया जा सके। प्रबंधन समिति बनने के बाद प्रोजेक्ट में फंसे खरीदारों की समस्या का निस्तारण करने का रास्ता निकालने पर विचार किया जाएगा।