दिल्ली के दो कारोबारियों से मांगे एक-एक करोड़ रुपये, घरों पर फायरिंग की रची थी साजिश
पुलिस ने चार में से एक शूटर को भी दबोचा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तरी जिला पुलिस ने गोल्डी बराड़ गिरोह से जुड़े भारत-दुबई रंगदारी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दिल्ली के एक कारोबारी से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और गोलीबारी की साजिश रचने के आरोप में तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें से एक शूटर है।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त निहारिका भट्ट ने बताया कि 16 सितंबर को कारोबारी प्रवीण जैन को मिस्ड कॉल आईं। इसके बाद उनके बेटे आयुष को संयुक्त अरब अमीरात के नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को गोल्डी बराड़ का सहयोगी बताकर एक करोड़ रुपये की मांग की और परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
जांच टीम ने कॉल और डिजिटल संचार स्रोतों का विश्लेषण किया, जिससे यूएई कनेक्शन सामने आया। पुलिस ने गुजरात पुलिस की मदद से 24 सितंबर को अहमदाबाद से आरिफ उर्फ पिस्टल को गिरफ्तार किया। 25 सितंबर को दिल्ली से मुबारिक उर्फ गुल्लू को पकड़ा गया, जो दुबई में मौजूद आरोपियों और भारत के सहयोगियों के बीच संपर्क का काम करता था। जांच में पता चला कि आरोपियों ने कारोबारी के घर पर गोलियां चलाने की साजिश भी रची थी। इसी यूएई नंबर से रोहिणी के एक अन्य कारोबारी से भी एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। इस मामले में चार शूटरों को लगाया गया था, जिनमें से नवाब अली उर्फ सोनीज को एक अक्तूबर को रेवाड़ी के पास चलती ट्रेन से पकड़ा गया।
नेटवर्क का खुलासा और जांच
पुलिस जांच में ओवीएच एसएएस फ्रांस से जुड़ा आईपी एड्रेस और यूएई कनेक्शन सामने आया। दुबई से आरिश ने धमकी भरा कॉल किया था, जो उस्मान और अबूजर का भाई बताया जाता है। आरिफ उर्फ पिस्टल ने आरिश को हरियाणवी में बात करने के लिए पैसे दिए थे, ताकि धमकी स्थानीय अपराधी की ओर से की गई लगे। मुबारिक उर्फ गुल्लू मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आया, जिसने सारी जानकारी दी और शूटर्स के रहने का इंतजाम किया। पुलिस अब फरार अन्य आरोपियों और दुबई में मौजूद कॉलर की तलाश कर रही है।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
शामली, उत्तर प्रदेश का निवासी आरिफ उर्फ पिस्टल गोल्डी बराड़ गिरोह से जुड़े जबरन वसूली नेटवर्क में अहम कड़ी था। वह पहले भी शामली के कैराना थाने में हत्या की कोशिश, जबरन वसूली, आपराधिक धमकी, दंगा और आर्म्स एक्ट सहित 12 मामलों में शामिल रहा है। मुबारिक उर्फ गुल्लू शिकायतकर्ता के पार्टनर का भाई है और उसने पूरी साजिश रची थी। नवाब अली उर्फ सोनीज उन चार शूटरों में से एक था, जिन्हें तय की गई गोलीबारी को अंजाम देने के लिए काम पर रखा गया था।