दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक लावारिस पैकेट ने सनसनी पैदा कर दी। एयर पोर्ट पर सुरक्षा में लगे सीआईएसएफ कर्मिंयों को कुछ शक हुआ।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत ही एक्सप्लोसिव वैपर डिटेक्टर यानि ईवीडी की टीम बुलाई गई। जांच में पता चला कि पैकेट में मोबाइल फोन है।
पुलिसकर्मियों ने मोबाइल को ऑन करने की कोशिश की ताकि पता लगाया जा सके कि यह किसका है। तमाम प्रयासों के बाद भी जब यह ऑन नहीं हुआ तो मोबाइल को खोला गया।
मोबाइल खोलने पर जो सामने आया उसे देख सुरक्षा एजेंसियों के लोग भी सकते में आ गए। असल में चौंकाने वाली चीज मोबाइल की बैटरी थी।
मोबाइल की बैटरी ने सबको चौंकाया
इस बैटरी का वजन लगभग डेढ़ किलो था। बैटरी की जब बारीकी से जांच की गई तो पता चला कि बैटरी की कीमत लगभग दो लाख्ा रुपए है।
असल में तस्करों ने सोने की तस्करी का एक नया तरीका खोजा है। जिसमें वह सोने की मोबाइल बैटरी तैयार करते हैं और उसे दूसरे देश तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं।
जांच में यह बात भी सामने आई कि इस तरह के मोबाइल को खाड़ी देशों में तैयार किया जाता है। इंटनेशनल स्मगलर्स ने कस्टम एयर प्रिवेंटिव की नजरों से बचने के लिए तस्करी का यह नया तरीका इजाद किया है।
गौरतलब है कि आईजीआई एयरपोर्ट पर साल 2012-13 में महज 6.5 किलो सोना ही जब्त किया गया जिसे चोरी-छिपे देश में लाने की कोशिश की जा रही थी।
अब हर यात्री के मोबाइल की होगी जांच
सोने की तस्करी कितने बड़े पैमाने पर होती है इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि 2013-14 में ही लगभग 377 किलो सोना जब्त किया जा चुका है। यह पुलिस द्वारा पकड़ा गया सोना है जो अवैध तरीके से लाया जा रहा था।
तस्करी के इस नये तरीके को देखते हुए कस्टम अधिकारियों ने सभी इंटरनेशल एयरपोर्ट को इस बारे में सचेत रहने का सर्कुलर जारी किया है।
इसके साथ ही सुरक्षा अधिकारियों ने अब सभी यात्रियों के मोबाइल की जांच का भी फैसला लिया है। मोबाइल में पार्ट्स के रूप में सोना चुरा कर लाने की इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। मोबाइल की एक बैटरी ने देश भर की सुरक्षा एजेंसियों में सनसनी पैदा कर दी।