16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में हुए निर्भया गैंगरेप के बाद रेप पीड़िताओं की तुरंत मदद और उन्हें मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए ऊषा मेहता कमेटी का गठन किया गया। इस कमेटी ने अपनी सिफारिश में रेप पीड़िताओं के लिए वन स्टॉप सेंटर (OSC) बनाने की सिफारिश की।
इस सिफारिश पर अमल करते हुए दिल्ली के सभी बड़े अस्पतालों में ओएससी बनाने का निर्णय लिया गया। राजधानी का पहला ओएससी संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में बन कर तैयार है। गुरुवार को दिल्ली के उपराज्यपाल ने इसका उद्द्याटन किया।
इस मौके पर समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव सतबीर बेदी, स्वास्थ्य विभाग के सचिव एससीएल दास, अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक और स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी मौजूद थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बनी सरकार के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2014 का दिल्ली का बजट पेश करते हुए भी इस सेंटर की स्थापना की बात कही थी। आइए जानते हैं इस 'वन स्टॉप सेंटर' की 10 खास बातें...
ऐसी सुविधा और कहीं नहीं
(1) बलात्कार पीड़ितों के लिए वन स्टॉप सेंटर में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
(2) पीड़िता का बयान इसी सेंटर में दर्ज होगा, यहीं पर मेडिकल और फॉरेंसिक जांच होगी।
(3) सेंटर में स्त्री और प्रसूति रोग विभाग की चिकित्सक और सर्जन भी उपलब्ध होंगी।
(4) पीड़िता को मनोवैज्ञानिक परामर्श भी इसी सेंटर में दिया जाएगा।
(5) वन स्टॉप सेंटर में दो कमरे होंगे।
गौरतलब है कि दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ हिंसा का ग्राफ पिछले चार सालों में तेजी से ऊपर गया है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक 2013 में रेप के 1559 और छेड़छाड़ के 3347 मामले दर्ज किए गए। जबकि 2012 में रेप के 680 और छेड़छाड़ के 653 दर्ज हुए थे। 2011 में दिल्ली में दर्ज हुए रेप केस की संख्या 568 रही जबकि 2010 में यह संख्या महज 507 थी।
पुलिस को भी नहीं होगी साथ जाने की इजाजत
(6) एक कमरे में चिकित्सीय और फॉरेंसिक जांच की सुविधा होगी।
(7) जबकि दूसरे कमरे में पुलिस, मनोचिकित्सक और सामाजिक कार्यकर्ता होंगे।
(8) पीड़िता को वन स्टॉप सेंटर से घर तक पहुंचाने के लिए मुफ्त कैट्स एम्बुलेंस की भी व्यवस्था होगी।
(9) पीड़िता की पहचान सार्वजनिक न हो, इसलिए कोई पुलिसकर्मी पीड़िता के साथ घर तक नहीं जाएगा।
(10) यदि पीड़िता चाहे तो महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय उसे सुरक्षित आवास की सुविधा भी देगी।
दिल्ली के बजट में सरकार ने हर जिले के एक सरकारी अस्पताल में ओएससी खोलने की सिफारिश की है। अगले दो महीने में दीनदयाल उपाध्याय और गुरु तेगबहादुर अस्पताल में भी ऐसे सेंटर शुरु होने की संभावना।