अदालत ने उनके तर्क सुनने के बाद संबंधित एसीपी और संबंधित थाना प्रभारी (एसएचओ) को तीन अगस्त को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा काफी समय बीत चुका है और जांच एजेंसी उन शिकायतों पर अलग से कार्रवाई करने के नाम पर और समय बर्बाद नहीं कर सकती। चूंकि एफआईआर एक ही है और आज तक यह सूचित नहीं किया गया है कि उन शिकायतों के आधार पर कोई अलग एफआईआर दर्ज की गई है, इसलिए आईओ का यह कर्तव्य है कि वह इस अदालत को भी उन पर की गई कार्रवाई की स्थिति के बारे में सूचित करें।
अदालत ने आदेश में कहा कि की गई कार्रवाई की ठोस रिपोर्ट इस अदालत में भी दाखिल की जानी चाहिए। इससे पहले, 4 अप्रैल, 2022 को, दिल्ली पुलिस ने अदालत को सूचित किया था कि दंगों की घटना के संबंध में शिकायतों को अलग किया जा रहा है और उन शिकायतों पर अलग से कार्यवाही शुरू की जाएगी।