गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) का बिल बजट सत्र के दौरान हरियाणा विधानसभा में पेश किया जाएगा। इसे लेकर तैयारी चल रही है। उम्मीद की जा रही है कि यह एक अप्रैल से प्रभावी हो जाएगा। ऐसा हुआ तो गुरुग्राम के विकास को गति मिलेगी। हर साइबर सिटी वासी को इसका इंतजार है।
जीएमडीए को लेकर पिछले कई वर्षों से मांग चल रही थी। जिसे प्रदेश की भाजपा सरकार ने पूरा कर दिया है। विधेयक का मसौदा पूरी तरह से तैयार हैं और अब इसके कानून बनने का लोगों को इंतजार है। विधानसभा में इसके कानून बनते ही वह काम करने लगेगा।
गुरुग्राम की आधारभूत संरचना को दुरुस्त करने से लेकर सभी विकास योजनाओं को गतिशील बनाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। प्राधिकरण बनने के बाद यहां विकास कार्यों में काफी तेजी इसलिए आएगी कि सभी विकास कार्यों की रूपरेखा यहां के स्थानीय अधिकारी ही तैयार करेंगे।
साइबर सिटी की गिनती दुनिया के विकसित और आधुनिक शहरों में होती है। मगर यहां के लोगों को कई बड़ी बुनियादी समस्याओं से रूबरू होना पड़ रहा है। सड़क, सीवर व पानी से लेकर कई और प्रकार की समस्याएं हैं। विकास को बल देने वाली अब सभी बृहद योजनाओं को पूरा करने का काम जीएमडीए का होगा।
यही कारण है कि प्रदेश सरकार भी इसे लेकर काफी गंभीर है। गुरुग्राम में कई दौर के मंथन के बाद जीएमडीए का फाइनल मसौदा बनाकर प्रदेश सरकार को सौप दिया गया है। लोगों का कहना है कि अगर जीएमडीए कानून बनता है तो इससे गुरुग्राम में विकास का नया अध्याय शुरू होगा। इसका मसौदा तैयार करने में आम लोगों, आरडब्ल्यूए, उद्योग जगत, रियल एस्टेट क्षेत्र सहित कॉरपोरेट जगत की सलाह और सुझाव लिए गए थे।