- बस में सीटिंग के अनुसार वजन रखकर गुरुग्राम शहर की सड़कों पर चलाई जाएगी ई-बस
- इस सप्ताह ट्रायल शुरू होने की संभावना, पहले चरण में गुुरुग्राम को जल्द मिलेंगी 25 ई-बसें
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जीएमसीबीएल की ओर से जल्द ही इलेक्ट्रिक बसों (ई-बस) को लेकर गुरुग्राम की सड़कों पर ट्रायल किया जाएगा। इस दौरान ई-बस में सीटिंग के अनुसार वजन भी रखकर चलाया जाएगा। इस दौरान ई-बस उपलब्ध कराने वाली कंपनी के अधिकारी देखेंगे कि बसों को शहर की सड़कों पर चलने के दौरान क्या समस्याएं आती हैं। जीएमसीबीएल की टीम ई-बस बनाने वाली कंपनी में नई बसों का निरीक्षण भी करके आ गई है। एक सप्ताह बाद ई-बसों के ट्रायल शुरू होने की संभावना है।
गुरुग्राम में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन, चार्जिंग व्यवस्था, रखरखाव, सड़कों की स्थिति और रूटों पर सवारियों की संख्या को लेकर कार्य पूरे किए जा रहे हैं। आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय की एक टीम के साथ ही जीएमसीबीएल की टीम भी कंपनी के प्लांट का दौरा कर लौटी है। जीएमसीबीएल के अधिकारियाें के अनुसार पहले 25 ई-बसें आएंगी। उसके बाद चरणबद्ध तरीके से अन्य ई-बसें मिलेंगी। सेक्टर-10 व 48 स्थित जीएमसीबीएल बस डिपो के परिसर में चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। सेक्टर-10 स्थित डिपो में 16 पॉइंट बनाए जाएंगे, जिसमें एक साथ 32 इलेक्ट्रिक बसों को चार्ज किया जा सकेगा।
गुरुग्राम की कई सड़काें का हालत काफी खराब है और बारिश के मौसम में सड़कों पर जलभराव व जाम लगने की समस्या और भी बदतर है। ऐसे में लो-फ्लोर गुरुगमन सिटी बसों को टूटी सड़कों पर चलने के दौरान टूट-फूट व ब्रेकडाउन की समस्या बढ़ी है। ऐसे में जीएमसीबीएल द्वारा ई-बसों का ट्रायल लिया जाएगा ताकि बसों के संचालन में आने वाली समस्याओं का पता चल सके।
वर्जन
जल्द ही शहर में ई-बस का ट्रायल शुरू किया जाएगा। ट्रायल के दौरान सड़कों पर ई-बसों के समक्ष आने वाली समस्याओं का आकलन किया जाएगा। ट्रायल के दौरान बसों में जो समस्याएं आएंगी, उनको दूर कराया जाएगा ताकि संचालन के दौरान काेई दिक्कत न आए।
- रविंद्र कुमार, संयुक्त सीईओ, जीएमसीबीएल