उत्तर प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी (यूपीटीयू) के छात्रों का एक आइडिया उनका करियर बना देगा। इस आइडिया पर आठ लाख रुपये का फंड उपलब्ध कराया जाएगा, जिसकी मदद से छात्र अपना वेंचर शुरू कर उसे बिजनेस का रूप दे सकेंगे।
इसके लिए यूपीटीयू प्रदेश के 75 इंजीनियरिंग-मैनेजमेंट कॉलेजों में इंक्यूबेटर सेंटर खोलेगी। इंडस्ट्री डायरेक्ट्रेट यूपी के दिशा-निर्देश पर ये पहल शुरू की गई है, जिसके तहत एमएसएमई से फंड दिया जाएगा।
नॉलेज पार्क के एनआईईटी कॉलेज में पहुंचे टेक्निकल एजुकेशन मिनिस्टर प्रोफेसर शिवाकांत ओझा और यूपीटीयू के वीसी प्रोफेसर आरके खांडल ने इंक्यूबेटर सेंटर खोलने की घोषणा की।
10 से 12 प्रोजक्ट की फंडिंग कर सकते हैं
जानकारी के मुताबिक विवि द्वारा सभी 75 कॉलेजों को चिह्नित किया जा चुका है, जिसकी जानकारी संस्थानों को यूपीटीयू की ओर से भेजी जा रही है। दरअसल इंक्यूबेटर सेंटर में छात्रों को अपना उद्यम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित और फंड दिया जाता है।
इसके बाद छात्र अपने किसी भी तकनीकी विचार या बिजनेस आइडिया को उद्यम का रूप दे सकते हैं। इसके लिए छात्रों को एमएसएमई द्वारा आठ लाख रुपये का फंड मिलेगा।
छात्र अपने आइडिया पर रिसर्च करते हुए उसे प्रोजेक्ट का रूप देकर बाजार तक पहुंचा सकते हैं। कॉलेज अपने स्तर पर प्रयास करते हुए 10 से 12 प्रोजेक्ट की फंडिंग आसानी से जुटा सकते हैं।
300 क्लस्टर से जुडेंगे सेंटर
यूपीटीयू के इन 75 इंक्यूबेटर सेंटर को 300 क्लस्टर से जोड़ा जाएगा। हर क्लस्टर एक विशेषज्ञता वाले क्षेत्र के लिए काम करेंगे। इसकी मदद से छात्र अपनी रुचि के मुताबिक भी अपने आइडिया पर रिसर्च कर उसे आगे बढ़ा सकते हैं।
गूगल भी है इंक्यूबेटर की देन
दुनिया का सबसे बड़ा ब्रांड गूगल भी इसी तरह के इंक्यूबेटर से निकला है। अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में 1996 में लैरी पेज और सर्जी ब्रिन ने एक रिसर्च प्रोजेक्ट के तौर पर काम शुरू किया था।
इसी तरह यूपीटीयू 75 कॉलेजों में इन सेंटर्स को स्थापित करते हुए छात्रों को स्व उद्यमिता के लिए तैयार करेगी। 75 कॉलेजों में खुलेंगे इंक्यूबेटर सेंटर, छात्रों को मिलेगा उद्यम शुरू करने का मौका।