शहर के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) में 16 छात्राओं को रात के वक्त कमरे से बाहर रखने के मामले की जांच डीसी ने एसडीएम (नूंह) देवीलाल सिहाग को सौंपी है।
सोमवार रात छात्राओं के बीच भोजन को लेकर कहासुनी के बाद स्कूल प्रबंधन ने छात्राओं को कुछ समय के लिए कमरे से बाहर अलग-अलग स्थानों पर खड़ा कर दिया था।
दरअसल मामले की जड़ में बालिकाओं को सरकार की ओर से आवासीय छात्रावास में उपलब्ध कराया जाने वाला भोजन है। बताते हैं कि यह भोजन अनाथ बालिकाओं के लिए बनता है, पर शिक्षण स्टाफ की भी इस पर नजर होती है।
पूरे मामले में संबंधित पक्षों से बातचीत पर पता चला कि विद्यालय में शिक्षकों में आपस में ही नहीं बनती है। यहां के छात्रावास की वार्डन बाहरी हैं, जबकि महिला रसोइया स्थानीय हैं।
मेवात के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अलावा विद्यालय के कार्यवाहक प्रिंसिपल ओमप्रकाश, जिला परियोजना समन्वयक रमेश चंद्र शर्मा के कानों तक कई बार शिक्षकों की गुटबाजी की शिकायत पहुंची है, पर स्थिति जस की तस है।
बताते हैं कि दो शिक्षिकाओं के बीच अनबन की वजह से एक शिक्षिका अपनी शिकायत लेकर एडीसी अंजू चौधरी तक जा पहुंची, मगर बात नहीं बनी।
मेवात के जिला परियोजना समन्वयक डॉ. रमेश चंद्र शर्मा ने बताया कि मंगलवार देर रात वह चंडीगढ़ से लौटे हैं। बालिकाओं को बाहर खड़े किए जाने की घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।
खाने के वक्त बालिकाओं के बीच कहासुनी हुई थी, उससे ज्यादा कुछ नहीं। एसडीएम नूंह की जांच में सच सामने आ जाएगा। उधर, एसडीएम नूंह देवीलाल सिहाग ने कहा कि स्कूल में अवकाश होने की वजह से जांच स्कूल खुलने पर ही हो पाएगी। बच्चों से ही इस मामले में सच जानने की कोशिश की जाएगी।