दिल्ली के उत्तम नगर में हत्या के मामले में अदालत ने प्रेमिका व उसके भाई को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपियों को परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार परहत्या व साक्ष्य मिटाने का दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
दोषी महिला तीन बच्चों की मां है। द्वारका जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गौतम मनन ने उत्तम नगर निवासी गीता व उसके भाई राकेश को इंद्रजीत की हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा के साथ 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोनों ने इंद्रजीत की अपने घर पर चाकू घोंपकर हत्या कर दी थी। सुनवाई में आरोपियों ने हत्या का मकसद साबित न होने का तर्क दिया था।
अदालत ने इसको खारिज करते हुए कहा कि कभी कभी हत्या का सटीक मकसद साबित करना संभव नहीं होता लेकिन मकसद साबित न होने के आधार पर आरोपियों को नहीं छोड़ा जा सकता। अभियोजन के मुताबिक गीता व राकेश ने अपने घर पर 6 जनवरी 2013 को इंद्रजीत की हत्या कर शव को बोरे में रखकर द्वारका में फेंक दिया था।