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मरने से पहले छात्रा बोली: मैं पढ़ना चाहती हूं...आरोपी मुझे पढ़ने नहीं दे रहा, जान देने के सिवा कोई रास्ता नहीं

Mon, 02 Oct 2023 07:29 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल

सार

मरने से पहले पुलिस को दिए गए बयान में छात्रा ने कहा कि वह पढ़ना चाहती है और आरोपी उसे पढ़ने नहीं दे रहा है। वह उससे इतना परेशान हो गई है कि जान देने के अलावा कोई चारा नहीं दिखा। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा के पलवल के गांव असावटी में 12वीं कक्षा की छात्रा ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। छात्रा पढ़-लिखकर डॉक्टर बनना चाहती थी। छात्रा अपने सहयोगी छात्र से परेशान थी। आरोपी छात्रा पर दोस्ती करने का दबाव बना रहा था। छात्रा ने मरने से पहले पुलिस को बयान दिया कि वह पढ़ना चाहती है और आरोपी उसे पढ़ने नहीं दे रहा है। वह उससे इतना परेशान हो गई है कि जान देने के अलावा कोई चारा नहीं दिखा। जहर खाने के बाद छात्रा को फरीदाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। गदपुरी थाना पुलिस ने मृतका के पिता की शिकायत पर नामजद आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। फरीदाबाद अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।  

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गदपुरी थाना प्रभारी राजबीर के अनुसार, गांव असावटी निवासी रोहताश ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसकी 17 वर्षीय बेटी निशा गांव के ही सरकारी स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ती थी। उसी की कक्षा में पढ़ने वाला एक किशोर उसकी बेटी को मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान करता था। काफी दिनों से उसकी बेटी गुमशुम रहती थी। बीती 28 सितंबर की रात निशा ने जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई। 

निशा को सीकरी स्थित एक अस्पताल में ले जाया गया, जहां से उसे फरीदाबाद के लिए रेफर कर दिया गया। फरीदाबाद के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल भिजवाया, जहां शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर नामजद आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। आरोपी के नाबालिग होने की आशंका है। जल्द ही आरोपी को नियमानुसार गिरफ्तार किया जाएगा। 

पढ़-लिख डॉक्टर बनना चाहती थी निशा
मृतका के चाचा सतीश कुमार ने बताया कि निशा के दो भाई व एक बहन हैं। शुरू से वह मेधावी विद्यार्थियों में शामिल रही थी। 10वीं कक्षा में भी निशा ने 80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर मेरिट हासिल की थी। वह अपने स्कूल के टॉपर बच्चों में शामिल थी। वह डॉक्टर बनना चाहती थी, इसलिए उसने 11वीं कक्षा से विज्ञान संकाय ले लिया। 12वीं कक्षा में भी वह काफी होशियार थी। आरोप है कि उसकी कक्षा में पढ़ने वाला छात्र निशा पर दोस्ती का दबाव बना रहा था। वह उसे स्कूल में परेशान करता था। यह बात उसने अपने बड़े भाई को बताई थी। उसके बड़े भाई ने भी आरोपी को समझाने का प्रयास किया था, परंतु वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। आरोपी की प्रताड़ना से परेशान होकर निशा का पढ़ाई में मन नहीं लग रहा था, जिस कारण उसने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। 

युवती ने छेड़छाड़ का विरोध किया तो पीटा
वहीं एक दूसरे मामले में घर पर अकेली पाकर युवती के साथ छेड़छाड़ की गई। युवती ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। कैंप थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सत्यनारायण के अनुसार एक कॉलोनी निवासी महिला ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसकी बेटी घर पर अकेली थी। उसी दौरान राजीव नगर निवासी हरिओम व नेपाल बाइक पर सवार होकर आए और उसकी बेटी के साथ छेड़छाड़ करने लगे। उसकी बेटी ने जब विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की। 
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उसकी बेटी ने शोर मचाया तो वहां से गुजर रहे युवकों ने आरोपियों से उनकी बेटी को बचाया। आरोपी जाते-जाते धमकी देकर गए हैं कि यदि पुलिस में शिकायत की तो अंजाम भुगतना पड़ेगा। 15 सितंबर को उन्होंने पुलिस को शिकायत दी, परंतु पुलिस ने झगड़े का केस बना आरोपी को जमानत दे दी। उसके बाद आरोपियों ने दोबारा उसकी बेटी के साथ मारपीट व छेड़छाड़ की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मारपीट व छेड़छाड़ सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
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