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पैर कटने पर गलत टांके लगाने से छात्रा की मौत, डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज

Fri, 07 Dec 2018 01:34 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर
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मधु विहार इलाके में एक डॉक्टर से इलाज करवाना छात्रा के लिए जानलेवा साबित हुआ। 24 वर्षीय भारती को चोट लगने से पैर में मामूली से कट लगा था। डॉक्टर ने गलत तरीके से टांके और इंजेक्शन लगाए। इससे छात्रा के पैर में सेप्टिक फैल गया। 12 दिन वह हेडगेवार और आरएमएल अस्पताल में जिंदगी से जूझती रही और आखिर में उसकी मौत हो गई।

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परिवार ने पुलिस व दिल्ली मेडिकल काउंसिल से शिकायत की तो महिला डॉक्टर के बीएएमएस (आयुर्वेदिक) होने का पता चला। मेडिकल काउंसिल की सिफारिश पर मधु विहार थाना पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। फिलहाल मामले में अभी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। 

कृष्णा नगर के घोंडली  में रहने वाली भारती एमकॉम के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। 12 अप्रैल 2018 को हसनपुर डिपो के पास से भारती एक सहेली के साथ रिक्शा में जा रही थी। रास्ते में एक अन्य रिक्शा ने टक्कर मार दी। हादसे में उसके पैर में छोटा से कट लग गया। वह इलाके में डॉक्टर रीना पोद्दार की क्लीनिक में गई, जहां डॉक्टर ने पैर में टांके और इंजेक्शन लगाकर दवाई दे दी।
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इधर, घर जाते ही भारती की तबीयत बिगड़ गई। अगले दिन परिवारवाले उसे एक अन्य डॉक्टर के पास ले गए। वहां पता चला कि उसे गलत टीके लगे हैं। बाद में तबीयत बिगड़ने पर उसे पहले हेडगेवार और फिर आरएमएल अस्पताल ले जाया गया।  वहां डॉक्टरों ने सर्जरी कर उसके पैर का कुछ हिस्सा काटा भी, लेकिन इलाज के दौरान 23 अप्रैल को भारती ने दम तोड़ दिया।

पिता की शिकायत पर जांच के बाद मेडिकल काउंसिल ने बताया कि डॉक्टर ने गलत तरीके से टांके लगाए थे। साथ ही उसे टांके लगाने का अधिकार भी नहीं था। डॉक्टर सिर्फ आयुर्वेदिक इलाज कर सकता था। पुलिस ने काउंसिल की शिकायत पर डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। 

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