नई दिल्ली। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) और दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) के संयुक्त तत्वावधान में राजघाट के गांधी स्मृति में आयोजित ‘रंग अम्लान 2026’ बाल नाट्य महोत्सव और कार्यशाला के तीसरे दिन ‘भूत नगरी’ नाटक का मंचन हुआ। इसके जरिए संदेश दिया गया कि डर केवल मन का भ्रम है और आत्मविश्वास, समझदारी तथा साहस से किसी भी डर पर विजय पाई जा सकती है।
बाल रंगमंच के वरिष्ठ रंगकर्मी गुलशन वालिया द्वारा लिखित और निर्देशित इस नाटक में भूतों की एक काल्पनिक नगरी की कहानी दिखाई गई। कहानी में मोड़ तब आता है, जब एक परी भूतों को चेतावनी देती है कि यदि कोई उसे छू लेगा तो उसकी सारी शक्तियां समाप्त हो जाएंगी। सच्चाई जानने के लिए दो भूत पृथ्वी पर पहुंचते हैं, लेकिन वहां उन्हें एहसास होता है कि अब लोग उनसे डरने के बजाय उनका सामना करने के लिए तैयार हैं। इसके बाद पैदा होने वाली हास्यास्पद परिस्थितियों ने बच्चों और अभिभावकों को खूब गुदगुदाया। नाटक के माध्यम से मनोरंजक अंदाज में बच्चों को निर्भय बनने, अंधविश्वास से दूर रहने और सकारात्मक सोच अपनाने का संदेश दिया गया। रंग-बिरंगी वेशभूषा, प्रभावी मंच सज्जा, संगीत और कलाकारों के जीवंत अभिनय ने प्रस्तुति को और आकर्षक बना दिया।
इस अवसर पर वरिष्ठ रंगकर्मी लोकेन्द्र त्रिवेदी मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि बाल रंगमंच मनोरंजन के साथ बच्चों के व्यक्तित्व विकास का भी प्रभावी माध्यम है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कलाकारों और नाट्य दल के सदस्यों को स्मृति चिह्न एवं सम्मान स्वरूप उपहार दिए।