240 दिन में पूरा होगा काम, यार्ड रीमॉडलिंग से जलभराव और केबल फॉल्ट का जोखिम होगा कम, बिजली आपूर्ति बाधित किए बिना होगा सिविल वर्क
मोहित शुक्ला
पूर्वी दिल्ली। जिले में बिजली की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने और मानसून के दौरान पावर ट्रिपिंग के खतरों को खत्म करने के लिए दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड ने योजना तैयार की है। ईस्ट दिल्ली के पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क की रीढ़ माने जाने वाले 220 केवी गाजीपुर सबस्टेशन के यार्ड का कायाकल्प और रीमॉडलिंग की जाएगी।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत सबस्टेशन परिसर के यार्ड का पुनर्विकास, खस्ताहाल हो चुकी केबल ट्रेंचों (नालियों) का नवनिर्माण और ड्रेनेज सिस्टम को आधुनिक बनाया जाएगा। गाजीपुर 220 केवी सबस्टेशन से पूर्वी दिल्ली के कई बड़े रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों को हाई वोल्टेज बिजली की आपूर्ति की जाती है। लंबे समय से इस्तेमाल में होने के कारण यार्ड में बनी केबल ट्रेंच कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं और उनके आरसीसी ढक्कन टूट चुके हैं।
बारिश के दिनों में इन ट्रेंचों में पानी भरने और कचरा जमा होने से हाईटेंशन केबलों में स्पार्किंग और केबल फॉल्ट का जोखिम हमेशा बना रहता था। रीमॉडलिंग के तहत नया वाटरप्रूफ ड्रेनेज और कंक्रीट ट्रेंच बनने से जलभराव की समस्या पूरी तरह खत्म होगी जिससे बारिश में भी बिना रुकावट बिजली मिलेगी।
डीटीएल के अधिकारियों के मुताबिक इस पूरे सिविल वर्क को पूरा करने के लिए 240 दिन (8 महीने) की समय-सीमा निर्धारित की गई है। खास बात यह है कि यह पूरा काम सबस्टेशन में बिजली आपूर्ति को बाधित किए बिना (चालू स्थिति में) पूरा किया जाएगा। यार्ड में नई आरसीसी ट्रेंचों के निर्माण के साथ-साथ भारी वजन सहन करने वाले नए कंक्रीट कवर लगाए जाएंगे। साथ ही यार्ड के फर्श का री-सर्फेसिंग कार्य भी किया जाएगा ताकि नमी नीचे न ठहर सके।
कर्मचारियों की सुरक्षा और बेहतर लोड मैनेजमेंट
सबस्टेशन परिसर में टूटे हुए ट्रेंच कवर और अव्यवस्थित केबल यार्ड में काम करने वाले तकनीकी कर्मचारियों के लिए भी हादसे का कारण बनते है। नए मास्टर प्लान से परिसर में हादसों की गुंजाइश खत्म होगी। अधिकारियों का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर के इस सुदृढ़ीकरण से न केवल सबस्टेशन की उम्र बढ़ेगी बल्कि आगामी गर्मी और मानसून के मौसम में जब बिजली की मांग चरम पर होती है तब यह सबस्टेशन ओवरलोडिंग और ग्रिड पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव को आसानी से संभाल सकेगा।