इस मौके पर उन्होंने कहा कि कभी भी किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, उसे गलती से भी कभी न खोलें। अनजान नंबर से फोन आने या फोटो वायरल करने की धमकी आदि देने पर डरें नहीं बल्कि उसका निडरता से सामना करें और तुरंत पुलिस को सूचना दें। साइबर ठगी को रोकने का एक उपाय केवल जागरूकता है। इसके लिए अपने माता-पिता और घर के बड़े-बुजुर्गों को भी जागरूक करें। सोशल मीडिया अकाउंट के पासवर्ड समय के अंतराल पर बदलते रहें। उन्होंने छात्रों से कहा कि आपकी यह उम्र जिंदगी में आगे बढ़ने की है, इसलिए इसे सकारात्मक कामों में लगाएं। खेलकूद, पुस्तक पढ़ने, कुछ लिखने आदि में अपना समय व्यतीत करें।
साइबर थाना प्रभारी संतोष कुमार तिवारी ने बताया कि आजकल शेयर ट्रेडिंग और ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में लोग पैसे गंवा रहे हैं। इसके प्रति जागरूक रहें और लोगों को भी करें। कोई भी बेहद कम समय में आपकी रकम दोगुनी नहीं कर सकता। कुछ गलत होने पर परिजनों से चर्चा करें, उसे छुपाएं नहीं। पुलिस में तत्काल शिकायत दर्ज कराएं। साइबर दोस्त एप को जरूर फॉलो करें, यह हर मुसीबत में आपकी सहायता करेगा। इस मौके पर एसआई सिद्धार्थ चौधरी ने भी बच्चों को जागरूक किया। प्रधानाचार्य कर्मवीर सिंह ने सभी का आभार जताया और अतिथियों का बुके देकर स्वागत किया। संचालन नवीन कुमार ने किया। कार्यक्रम में छात्रों संग शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी हिस्सा लिया।
सही उत्तर देने पर छात्रों को मिला पुरस्कार
कार्यशाला के अंत में छात्रों से पुलिस हेल्पलाइन नंबर, वेबसाइट, पिंक बूथ, फायर बिग्रेड, साइबर ठगी का शिकायती नंबर सहित अन्य प्रश्न पूछे गए। सही जवाब देने वाले छात्रों को किताब देकर पुरस्कृत किया गया। यह पुरस्कार 11वीं के शनि, आनंद कुमार, कुणाल, समीर, आर्यन ठाकुर सहित 12वीं के छात्र गौतम, अयान सैफी और देववंश ने जीता।