विपुल के पिता बृजेश कुमार ने तहरीर दी है। हत्या का केस दर्ज कर लिया है। आरोपी ने जुर्म कुबूल कर लिया है। उसकी गिरफ्तारी मौके से हो गई है। हत्या में इस्तेमाल पिस्टल भी उसके पास मिल गई है। विपुल मूल रूप से बलिया का निवासी था और पैरामाउंट सिंफनी सोसायटी में सातवीं मंजिल पर रहता था। आरोपी भी मूल रूप से बलिया का ही निवासी है। - पूनम मिश्रा, एसीपी वेव सिटी
एक गोली लगते ही गिर गया विपुल, फिर चार और चलाईं
पुलिस पूछताछ में आरोपी राजेश ने पूरा घटनाक्रम बताया। उसका कहना था कि उसे बेटी की बातें सुनकर ही विपुल पर बहुत गुस्सा आ गया था। जब विपुल ने उनके सामने भी बेटी को गलत ठहराने की कोशिश की तो इसने आग में घी का काम किया। उसने उसे पहले एक थप्पड़ जड़ा। इसके बाद भी न तो वह डरा और न ही उसने माफी मांगी। उल्टा कहने लगा कि उसकी कोई गलती नहीं। जो भी गलती है, दीप्ति की है। इस पर गुस्सा और भड़क गया। उसे एक गोली मार दी। यह सिर में लगी। वह फर्श पर गिर पड़ा। तब तक वह ठान चुके थे कि उसे जीवित नहीं छोड़ना है। इसलिए, पूरी पिस्टल उस पर खाली कर दी।
गोलियों की आवाज सुन सकते में आ गए लोग
तड़के साढ़े तीन बजे सोसायटी में लोग गहरी नींद में सोए थे। अचानक गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। वे लोग सकते में आ गए। लगा कि कोई बड़ी घटना हुई है। आसपास के लोगों ने फ्लैट के बाहर निकलकर देखा तो कुछ नजर नहीं आया। वे लोग आपस में बातचीत करने लगे। थोड़ी देर बाद ही देखा कि पुलिस आ गई। पुलिस जैसे ही दीप्ति के फ्लैट में पहुंची तो वहां आसपास के लोग भी आ गए। उन्होंने बताया कि विपुल की लाश फर्श पर पड़ी थी। पूरे फर्श पर खून फैला हुआ था। पुलिस दीप्ति और उसके पिता को अपने साथ ले गई।