बुलंदशहर। चांदपुर रोड फाटक बंद होने के बाद पैदल राहगीरों के लिए एक ओर से दूसरी ओर जाना मुश्किल हो गया है। लोगों को करीब 500 मीटर घूमकर जाना पड़ता है। ऐसे में महिलाओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से रक्षा बंधन के उपहार के रूप में चांदपुर रोड फाटक पर फुटओवर ब्रिज (एफओबी) बनवाने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामला रेलवे के समक्ष रखने की अपील की है।
महिलाओं का कहना है कि पैदल राहगीरों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध नहीं है। फुटओवर ब्रिज बनने से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
चांदपुर रोड पर वाहनों के आवागमन को बेहतर करने के लिए करीब पांच साल पहले अंडरपास का निर्माण कराया गया था। इससे वाहनों की आवाजाही तो आसान हो गई, लेकिन अंडरपास में फुटपाथ नहीं होने से पैदल राहगीरों की परेशानी बढ़ गई। अंडरपास का एक रास्ता चांदपुर से दूसरी ओर कचहरी रोड पर निकलता है। ऐसे में लंबे रास्ते से बचने के लिए कई लोग रेलवे ट्रैक पार करने लगे हैं।
इनमें स्कूल जाने वाले बच्चों को छोड़ने वाली महिलाएं, मंदिर जाने वाली महिलाएं और बाजार आने-जाने वाले लोग भी शामिल हैं। महिलाओं का कहना है कि फाटक बंद होने के बाद चांदपुर रोड पर एक ओर से दूसरी ओर जाने के लिए करीब 500 मीटर घूमकर बिना फुटपाथ वाले अंडरपास से जाना पड़ता है। रोजाना आने-जाने वाली महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को इससे काफी परेशानी होती है।
महिलाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहनों के लिए कई सुविधाएं शुरू की हैं। ऐसे में यदि मुख्यमंत्री रेलवे के सामने चांदपुर रोड फाटक पर फुटओवर ब्रिज निर्माण का मामला रखें और इसका निर्माण करा दें तो यह रक्षा बंधन पर उनके लिए बड़ा तोहफा होगा। इससे रेलवे ट्रैक पार करने का खतरा भी खत्म होगा और लोगों को सुरक्षित रास्ता मिल सकेगा।
बोलीं महिलाएं
चांदपुर रोड निवासी रश्मि अग्रवाल का कहना है कि महिलाओं के लिए सरकार ने काफी कुछ किया है। रक्षा बंधन पर फ्री सफर भी एक तोहफा है। अगर मुख्यमंत्री चांदपुर रोड की बहनों के लिए फुटओवर ब्रिज का निर्माण करा दें तो उनका आभार होगा।
चांदपुर रोड निवासी वीना सिंह का कहना है कि फाटक बंद होने के बाद मंदिर जाने तक में परेशानी होती है। चांदपुर रोड पर एक ओर से दूसरी ओर जाने के लिए करीब 500 मीटर घूमकर बिना फुटपाथ वाले अंडरपास से जाना पड़ता है। फुटओवर ब्रिज बनने से काफी सहूलियत मिलेगी।
चांदपुर रोड निवासी ज्योति का कहना है कि फाटक बंद होने के बाद रोजमर्रा के काम के लिए भी काफी दूर से होकर जाना पड़ता है। महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। फुटओवर ब्रिज बन जाए तो रेलवे ट्रैक पार करने का खतरा भी खत्म होगा और आने-जाने में आसानी होगी।