नगर के अंसारी रोड पर दुकान से राखी पसंद करती महिलाएं व युवती। संवाद
बुलंदशहर। रक्षाबंधन का पर्व इस बार विशेष शुभ संयोगों के बीच मनाया जाएगा। पर्व मनाने के लिए बहनें बृहस्पतिवार दिनभर तैयारियों में जुटी रहीं।
पंडित कैलाश शर्मा ने बताया कि इस बार रक्षाबंधन शुक्रवार को है, जिसे मां लक्ष्मी और शुक्र ग्रह से जुड़ा दिन माना जाता है। रक्षाबंधन पर चंद्रमा की पूर्ण कलाओं में स्थिति पारिवारिक और भावनात्मक संबंधों के लिए शुभ मानी जा रही है। इन विशेष संयोगों के कारण इस बार का रक्षाबंधन अत्यंत फलदायी होगा। बताया कि भद्रा काल को राखी बांधने के लिए अशुभ माना जाता है। इस बार भद्रा सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगा। इसलिए दिन में राखी बांधने में कोई व्यवधान नहीं आएगा। शुक्रवार को सूर्योदय के बाद से पूरे दिन राखी बांधी जा सकती है। इस रक्षाबंधन पर सुकर्मा, धृति और बुधादित्य जैसे मंगलकारी योग बन रहे हैं। ये योग पर्व के महत्व को और बढ़ा रहे हैं। भद्रा काल में राखी बांधने से परहेज किया जाता है। भद्रा का सूर्योदय से पहले समाप्त होना एक बड़ा शुभ संकेत है। यह स्थिति पूरे दिन को राखी बांधने के लिए अनुकूल बनाती है।