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यति नरसिंहानंद ने सीएम योगी को लेकर दिया विवादित बयान, खून से लिखा पत्र मुख्यमंत्री को देने से रोका

Fri, 29 Sep 2023 08:33 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। दरअसल, मेरठ के दीपक त्यागी की बरसी में जाने से रोकने के लिए शिवशक्ति धाम डासना को पुलिस ने छावनी बना दिया था। पुलिस ने महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी को नजरबंद कर दिया था।
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यति नरसिंहनंद गिरी महाराज - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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शिव शक्ति धाम डासना में महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्हें एक बार फिर नजरबंद किया गया। इसी दौरान पुलिस और उनके बीच बातचीत का वीडियो सामने आया है। 

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सीएम योगी पर दिया विवादित बयान
पुलिस अधिकारी यति नरसिंहनंद गिरी महाराज से कहते हैं सिर्फ पांच बजे तक। इसके बाद वीडियो में यति नरसिंहनंद कहते हैं कि हमने मुलायम सिंह यादव का समय देखा, कभी नहीं रूके पुलिस से, फिर हमने मायावती का समय देखा। ये पूरा इलाका जानता है। उसके बाद हमने अखिलेश यादव का समय देखा। आज वहां पर हमारा ही आदमी मुख्यमंत्री बनकर बैठा है और आप हमें ही कुचल रहे हो। क्यों वह आपकी बात सुन रहे हैं और हमारी बात नहीं सुन रहे हैं।

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आगे कहा कि योगी रावण से बड़ा नहीं है। कभी योगी को लगता हो कि सत्ता बड़ी है। मैं तो आज मर जाऊंगा या कल। सत्ता कभी किसी की नहीं रहने वाली है। इसके बाद वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे पुलिस अधिकारी कह रहे हैं कि सर सिर्फ पांच बजे तक। वो पूछते हैं कि यहां डीसीपी साहब आ रहे हैं या फिर कमिश्नर साहब आ रहे हैं।
 

शिवशक्ति धाम बना छावनी
दरअसल, मेरठ के दीपक त्यागी की बरसी में जाने से रोकने के लिए शिवशक्ति धाम डासना को पुलिस ने छावनी बना दिया था। पुलिस ने महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी को नजरबंद कर दिया था। इसके बाद महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने अपने खून से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा था। यह पत्र सीएम योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाया जाना था। 

नरसिंहानंद ने आरोप लगाया कि उनके शिष्य यति निर्भयानंद, यति रणसिंहानंद, यति असीमानंद और यति सत्यानंद को जबरदस्ती रोककर पुलिस ने जेल में डालने की धमकी दी। पुलिस अधिकारियों ने शिवशक्ति धाम में बुलडोजर चलाकर उजाड़ने को कहा। पुलिस अधिकारियों ने महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज को आशाराम बापू और राम रहीम बनाने की धमकी दी।

पुलिस की कार्रवाई से आक्रोशित हुए महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने कहा कि उन्हें मारा या जेल में बंद किया जा सकता है, लेकिन उनकी आवाज को दबाया और उन्हें झुकाया नहीं जा सकता। उन्होंने बताया कि पुलिस की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई के बारे में बताने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम खून से पत्र लिखा था, लेकिन पुलिस ने ले जाने नहीं दिया। वहीं पुलिस ने आरोपों को निराधार बताया है। 

हत्या के बाद थी दीपक त्यागी की बरसी
दीपक त्यागी हत्याकांड के एक साल होने पर परिजन यति नरसिंहानंद महाराज से मिलने गाजियाबाद पहुंचे थे। हत्याकांड के एक साल पूरे होने पर पुण्यतिथि पर पीड़ित परिवार ने शांति यज्ञ रखा। शांति यज्ञ में देशभर के साधु-संतों और हिंदुओं से भाग लेने की अपील की थी। इस यज्ञ में शामिल होने के लिए यति नरसिंहानंद महाराज जाने वाले थे, इसलिए पहले पुलिस ने उन्हें नजरबंद कर दिया।

मेरठ जिले में परीक्षितगढ़ के खजूरी गांव में 27 सितंबर 2022  को दूसरे संप्रदाय के लोगों ने दीपक त्यागी की निर्मम हत्या कर दी थी। पुलिस ने खजूरी गांव निवासी फैमीद को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। फैमीद गांव में झोपड़ी बनाकर अपने परिवार के साथ रहता था, जो मूलरूप से दौराला के पास सरसवा गांव का रहने वाला है। पिछले एक साल से पीड़ित का परिवार न्याय के लिए भटक रहा है।

नरसिंहानंद गिरी का खून से लिखा पत्र मुख्यमंत्री को देने से रोका
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज के शिष्य डासना देवी मंदिर से मुख्यमंत्री के नाम उनके खून से लिखे पत्र को लेकर मुख्यमंत्री आवास रवाना होने वाले थे। बृहस्पतिवार को पुलिस ने खून से लिखे पत्र मुख्यमंत्री को देने से पुलिस ने रोक दिया। 

नरसिंहानंद ने आरोप लगाया कि उनके शिष्य यति निर्भयानंद,यति रणसिंहानंद, यति असीमानंद और यति सत्यानंद को जबर्दस्ती रोक कर पुलिस ने जेल में डालने की धमकी दी। पुलिस अधिकारियों ने शिवशक्ति धाम में बुलडोजर चलाकर उजाड़ने को कहा। पुलिस अधिकारियों ने महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज को आशाराम बापू और राम रहीम बनाने की धमकी दी। 
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नरसिंहानंद ने पुलिस पर लगाया उत्पीड़न का आरोप
पुलिस की कार्रवाई से आक्रोशित हुए महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने कहा कि उन्हें मारा या जेल में बंद किया जा सकता है, लेकिन उनकी आवाज को दबाया और उन्हें झुकाया नहीं जा सकता। 

उन्होंने बताया कि पुलिस की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई के बारे में बताने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम खून से पत्र लिखा था, लेकिन पुलिस ने उसे वहां तक पहुंचाने नहीं दिया। इस दौरान पुलिस और मंदिर में मौजूद संतों के बीच काफी बहस हुई। 

महंत यति ने कहा कि चाहे डीसीपी आ जाएं या पूरी फोर्स लगा लिया जाए लेकिन हमें नहीं रोका जा सकेगा। योगी भगवान से बड़ा नहीं है। काफी संघर्ष के बाद शाम तक पुलिस ने शिष्यों को लखनऊ जाने की अनुमति दे दी। डीसीपी ग्रामीण विवेक यादव का कहना है कि उनको नजरबंद नहीं किया गया था सुरक्षा की दृष्टि से उनको रोका गया था। शिष्य पैदल यात्रा की अनुमति मांग रहे थे इसलिए उनको रोका जा रहा था शाम को अनुमति दे दी गई थी। विवादित टिप्पणी के मामले में विडियो का संज्ञान लेकर जांच की जाएगी उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
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