डासना जेल में बंद नोएडा अथॉरिटी और यमुना एक्सप्रेस-वे के चीफ इंजीनियर रहे यादव सिंह ने पेशी के दौरान एंबुलेंस और व्हीलचेयर की सुविधा उपलब्ध कराए जाने की मांग सीबीआई कोर्ट से की है। कोर्ट ने जेल अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद कोर्ट अर्जी का निस्तारण करेगी।
अपने अधिवक्ता के माध्यम से सीबीआई कोर्ट में भेजी अपनी अर्जी में यादव सिंह ने बताया है कि कुछ समय पूर्व स्लिप डिस्क की प्रॉब्लम के चलते वह मेदांता ग्लोबल हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड में इलाज करा चुके हैं।
अब डासना जेल से कोर्ट में पेशी के दौरान उन्हें बंदी वाहन में लाया जाता है। ऐसे में सड़क में गड्ढों के चलते काफी परेशानी उठानी पड़ती है। यादव सिंह ने कहा है कि ‘बैकपेन’ की शिकायत अभी भी है और रेग्यूलर मेडिकल चेकअप ट्रीटमेंट की आवश्यकता पड़ती है।
यादव सिंह ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि पेशी के दौरान जेल से लाने-ले जाने के लिए उन्हें एक एंबुलेंस और व्हीलचेयर उपलब्ध कराई जाए। बता दें कि नोएडा के चर्चित ठेके घोटाले में यादव सिंह पिछले कई माह से डासना जेल में बंद है।
यादव सिंह के साथ ही रामेंद्र सिंह और एक फर्म का मैनेजर/ पार्टनर वीके गोयल भी फिलहाल डासना जेल में हैं। करीब 954 करोड़ के इस घोटाले की चार्जशीट में सीबीआई ने यादव सिंह और पत्नी कुसुमलता समेत कुल 14 लोगों को आरोपी बनाया है। 15 मार्च को सीबीआई इस मामले में अपनी चार्जशीट कोर्ट में पेश कर चुकी है।