नोएडा के चर्चित ठेके घोटाले में फंसे यमुना एक्सप्रेस-वे, नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथारिटी के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह और उसके सहयोगी रामेंद्र सिंह और एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के मैनेजर/पार्टनर वीके गोयल की न्यायिक हिरासत सीबीआई कोर्ट ने बढ़ा दी है। सीबीआई विशेष कोर्ट के रिक्त होने के चलते पीठासीन अधिकारी एके झा ने तीनों आरोपियों को अब 28 जुलाई को पेश किए जाने के आदेश दिए हैं।
बृहस्पतिवार को डासना जेल में बंद चीफ इंजीनियर रहे यादव सिंह, सहायक प्रोजेक्ट इंजीनियर रामेंद्र सिंह और वीके गोयल को कड़ी सुरक्षा के बीच सीबीआई विशेष कोर्ट में पेश किया गया।
यादव सिंह प्राइवेट एंबुलेंस से कोर्ट परिसर तक आया। इसके बाद व्हीलचेयर पर उसे कोर्ट में लाया गया। दोपहर करीब एक बजे यादव सिंह और अन्य आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। न्यायाधीश एके झा ने सभी की जुडीशियल कस्टडी बढ़ाते हुए 28 जुलाई की तारीख नियत कर दी।
वारंट जारी करने को सीबीआई ने दी अर्जी:
यादव सिंह प्रकरण में अन्य नामजद आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी किए जाने को सीबीआई ने कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। सीबीआई की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक बीके सिंह ने अर्जी दाखिल करते हुए कोर्ट से गुहार लगाई कि आरोपियों के खिलाफ पूर्व में कई बार सम्मन जारी किए जा चुके हैं, मगर आरोपी जान-बूझकर सम्मन नहीं ले रहे हैं। ऐसे में अब उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए जाएं।
एलआईसी घोटाला: फरार माला चढ़ी सीबीआई के हत्थे
फर्जी एलआईसी बांड से करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम देने वाली माला देवी आखिर सीबीआई के हत्थे चढ़ ही गई। बृहस्पतिवार दोपहर सीबीआई इंस्पेक्टर एसके पांडेय ने आरोपी को साहिबाबाद थाना क्षेत्र के एक मकान से गिरफ्तार कर लिया। माला देवी कई साल से सीबीआई को चकमा देकर रह रही थी।
सीबीआई से मिली जानकारी के अनुसार शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-2 में रहने वाली माला देवी और उसके पति हरेंद्र कुमार ने आसाम एलआईसी आफिस के फर्जी बांड तैयार किए थे। अलग-अलग नाम से तैयार इन फर्जी एलआईसी बांड को बाद में इस शातिर दंपति ने गाजियाबाद एलआईसी शाखा में ट्रांसफर केस दिखाकर जमा करा दिया था।
कई फर्जी बांड का यह दंपति क्लेम ले चुका है, जबकि कई पर लोन उठा लिया गया। सीबीआई ने यह मामला 2005 में दर्ज किया था। इस मामले में हरेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया गया था जबकि माला देवी फरार चल रही थी।
सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक एसके मीणा के अनुसार कई बार नोटिस के बाद सीबीआई कोर्ट ने माला देवी के पहले एनबीडब्ल्यू और बाद में स्टैंडिंग वारंट जारी कर दिए थे। बृहस्पतिवार को आरोपी महिला को गिरफ्तार कर सीबीआई विशेष कोर्ट में पेश किया गया।