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निजी बैंक कर्मी नहीं निकाल सकते पैसा

Thu, 17 Nov 2016 11:37 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
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बैंकों के बाहर लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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500 व 1000 के नोट बंद होने के बाद प्राइवेट बैंक प्रबंधन ने अपने कर्मचारियों पर भी कई तरह की पाबंदियां लगाई हैं। प्राइवेट बैंकों ने कर्मचारियों को एकाउंट से सैलरी या खर्चों के लिए रुपये निकालने पर 18 नवंबर तक पाबंदी लगा रखी है।
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कर्मचारी इसके बाद ही एकाउंट से रुपये निकाल सकेंगे। उधर, बृहस्पतिवार को भी कई बैंकाें में समय से पहले ही कैश खत्म हो गया। एटीएम भी कुछ ही ऐसे थे जोकि काम कर रहे थे।
नोटबंदी के बाद बाजार से लेकर घरों में अफरा-तफरी मची हुई है।

लोग सब कामकाज छोड़कर सुबह से ही बैंकों के बाहर लाइन लगाकर खड़े हो रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी लोगों की लंबी कतारें विभिन्न बैंकों के बाहर लगी रहीं। नवयुग मार्केट, गांधीनगर, अंबेडकर रोड, शास्त्रीनगर, कविनगर, नेहरूनगर, अशोक नगर, नंदग्राम, गोविंदपुरम, पटेल नगर आदि कालोनियों में भीड़ देखने को मिली।
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भीड़ के चलते समय से पहले ही नवयुग मार्केट स्थित बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, यूनियन बैंक, युनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, आरडीसी में कैथेलिक बैंक आदि में कैश खत्म हो गया। लोगों को बैरंग वापस लौटना पड़ा।

2005 से पहले के नोट नहीं बदले जा रहे
नोट बदलने केलिए कई लोग 2005 से पहले का 500 व 1000 का नोट लेकर पहुंचे। बैंक  कर्मचारियाें ने नोट लेने से साफ मना कर दिया। इसे लेकर कई लोगों ने बहस भी की। जब उन्हें बताया गया कि ये नोट चेस्ट करेंसी में ही बदले जाएंगे तब वह शांत हुए।

चेस्ट करेंसी से इन नोटों का अलग बंडल बनाकर आरबीआई में जमा कराया जाएगा। बैंक अधिकारियों की मानें तो 2005 से पहले जो नोट छपे, उनकी फेक करेंसी सबसे ज्यादा थी।

कुछ ही एटीएम में निकल रहे रुपये:
नवयुग मार्केट स्थित एसबीआई, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई, संजय नगर में एसबीआई, शास्त्रीनगर में बैंक ऑफ बडौदा, मेरठ रोड स्थित यूनियन बैंक  में कैश निकला, लेकिन भीड़ के आगे ये एटीएम भी एक से दो घंटे के अंदर ही खाली हो गए।

वैसे अधिकांश एटीएम से कैश नहीं निकल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि एटीएम से ही कैश मिलने लगे तो लाइन लगानी की जरूरत नहीं पड़ेगी।

एसबीआई में स्याही लगाकर बदले गए नोट
एसबीआई की मेन शाखा समेत अन्य शाखाओं में लोगों को स्याही लगाने के बाद ही नोट बदले गए। जिन बैंकों में स्याही नहीं पहुंची थी, वहां पर अधिकारियों ने मार्कर का उपयोग किया।

एसबीआई के रीजनल मैनेजर एसके गोयल के मुताबिक स्याही लगाने का मकसद बैंकों के बाहर खड़ी भीड़ को कम करना है। स्याही लगाने के बाद संबंधित ग्राहक 24 नवंबर के बाद ही आएगा।

24 नवंबर तक डाककर्मियों के अवकाश रद्द
पुराने नोट बदलवाने को हर रोज लग रही लंबी लाइन के चलते हेड पोस्ट ऑफिस में कर्मचारियों की 24 नवंबर तक छुट्टी रद्द कर दी गई है। सीनियर पोस्ट मास्टर जेएस बिष्ट ने बताया कि नोट बदलवाने को लंबी लाइन लग रही है।

पोस्ट ऑफिस में पहले से ही स्टाफ कम हैं। ऐसे में जो लोग हैं उन्हीं से काम लिया जा रहा है। जेएस बिष्ट ने बताया कि इसमें से भी यदि कोई अवकाश लेगा तो समस्या बढ़ जाएगी। आम पब्लिक की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

पोस्ट आफिस में नए खाते खुलवाने की स्पीड हुई कम
नोट बदलवाने के लिए जहां सात-सात काउंटर लगाए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पोस्ट ऑफिस में स्पीड पोस्ट करने वालों की संख्या के साथ ही डाक टिकट खरीदने वालों की भी भीड़ कम हैं। नए खाते खुलवाने में भी लोगों को परेशानी आ रही है।

जेएस बिष्ट ने बताया कि स्पीड पोस्ट और डाक टिकट के काउंटर पर लगे स्टाफ को किसी और काम में नहीं लगाया गया है। सामान्य दिनों के मुकाबले पिछले एक सप्ताह में नए खाते कम खोले गए हैं।

पुराने नोट से जमा करें बीएसएनएल बिल
बीएसएनएल में भी 24 नवंबर तक पुराने नोट से बिल का भुगतान किया जा सकेगा। मार्केटिंग सेक्शन के इंचार्ज कर्मवीर सिंह नागर ने बताया कि वित्त मंत्रालय भारत सरकार द्वारा इस संबंध में 14 नवंबर को नोटिफिकेशन जारी किया गया था।

500 और 1000 के नोट से न केवल बिल भुगतान कर सकेंगे बल्कि मोबाइल और नेट भी रिचार्ज करा सकेंगे। इन नोटों से बिल का अग्रिम भुगतान नहीं हो सकेगा।

आरडब्ल्यूए ने बांटे चाय और बिस्कुट
गाजियाबाद आरडब्ल्ूयए फेडरेशन द्वारा बृहस्पतिवार को बैंक और एटीएम की लाइन में लगे लोगों को चाय और बिस्कुट बांटे गए। फेडरेशन की टीम बृहस्पतिवार सुबह ही चौधरी मोड़ स्थित पंजाब नेशनल बैंक पहुंची।

वहां लोगों को चाय वितरित करने के बाद ही टोकन व्यवस्था भी शुरू कराई। फेडरेशन के पदाधिकारियों द्वारा व्यवस्था बनाए जाने पर बैंक स्टाफ ने उनका धन्यवाद भी किया। इस मौके पर कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी, गोपाल माहेश्वरी, अजय जैन, अजीत निगम आदि मौजूद रहे।

बैंकों में कैश हुआ खत्म,एटीएम रहे खाली
मोदीनगर के गोविंदपुरी सिंडीकेट बैंक में जल्दी कैश खत्म होने पर घंटों से लाइन में लगे लोगों ने हंगामा किया। लाइन में खड़े अनुज कुमार ने बताया कि शाम तीन बजे बैंक में कैश आया और घंटे भर बाद चार बजे समाप्त हो गया।

लोग बैंक के बाहर सुबह दस बजे से खड़े थे। मोदीनगर पीएनबी की मुख्य शाखा में कैश न पहुंचने पर लाइन में खड़े लोगों को रुपयों के स्थान पर दस के सिक्कों का भुगतान किया गया।

उधर मुरादनगर स्थित बैंक ऑफ बडौदा में तीन दिन लाइन में लगने के बाद भी रुपये नहीं बदलने जाने पर गुस्साये युवक ने जमकर हंगामा काटा। पठानान कालोनी निवासी आसिफ ने बताया कि तीन दिन से रोजाना नोट बदलवाने के लिए लाइन में लग रहा हूं। लेकिन रुपये बदलने का नंबर नहीं आया।

लोगों ने लॉकर किए खाली
नोट बंदी के बाद से अफवाहों का भी बाजार काफी गर्म है। इसके चलते कई लोगों ने बैंकों में अपने लॉकर खाली कर दिए। इन लोगों में यह आशंका घर कर गई है कि मोदी का अगला कदम लॉकर की छानबीन होगा।

स्वयं सेवी संगठनों ने बांटा चाय, बिस्कुट
कुटी रोड स्थित विश्व चेतना योग संस्थान कुटिया के सेवकों ने बृहस्पतिवार  को एसबीआई, सिंडिकेट, कैनरा, एचडीएफसी, इंडियन बैंक के बाहर लाइन में लगे लोगों को आश्रम की तरफ से चाय और बिस्कुल वितरित किये गये। मोदीनगर में केनरा बैंक के सामने लाइन में खड़े लोगों को स्वयं सेवी संगठनों ने चाय बिस्कुट वितरित किए।

बैंक  के बाहर लाइन में लगे लोगों को बांटीं पानी की बोतलें
 नोट बंदी के चलते पिछले आठ दिनों से एटीएम और बैंकों के बाहर खड़े लोगों को वैल्यू प्लस स्टोर ने पानी की बोतलें बांटीं। डायरेक्टर करन अग्रवाल एवं मुदित अग्रवाल ने बताया कि उनके गाजियाबाद, साहिबाबाद, नोएडा, राजस्थान, उत्तराखंड, सिलीगुड़ी समेत चार राज्यों में 51 शोरूम हैं।

वह अपने शोरूम के पांच किमी के दायरे में पड़ने वाले बैंकों और एटीएम पर लाइन में लगे लोगों को पानी की बोतलें सुबह 11 से शाम 6 तक बांट रहे हैं। उनका कहना है कि कालेधन की इस लड़ाई में पब्लिक को हो रही पीड़ा को वह कुछ कम करने की कोशिश कर रहे हैं। 
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