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Ghaziabad News: अर्बन चैलेंज फंड से तीन योजनाओं पर होगा काम, मिलेगा रोजगार-बढ़ेगा राजस्व

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गाजियाबाद। नगर निगम अर्बन चैलेंज फंड के तहत निगम क्षेत्र में तीन महत्वाकांक्षी योजनाओं पर काम कर रहा है। इन योजनाओं को पीपीपी(पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर परवान चढ़ाया जाएगा। यानी इन योजनाओं पर 50 फीसदी खर्च राज्य और केंद्र सरकार करेगी। 50 फीसदी का खर्च बाहर के स्रोतों से जुटाया जाएगा। नगर निगम का दावा है निगम पर बिना आर्थिक बोझ पड़े बड़ी योजनाएं शहर में विकसित होंगी और इससे रोजगार के साथ-साथ निगम की आय में भी वृद्धि होगी। इसके लिए जमीनों का चिह्नीकरण भी कर लिया गया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने शुक्रवार को इसकी जानकारी साझा की।
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यह हैं योजनाएं
नगर आयुक्त ने बताया कि गाजियाबाद इंटीग्रेटेड बिजनेस एंड इनोवेशन हब योजना करीब छह एकड़ क्षेत्रफल में विकसित की जानी है। इसमें करीब 636 करोड़ का खर्च अनुमानित है। इसमें आधुनिक कार्यालय, को वर्किंग स्पेस, स्टार्टअप इन्क्यूबेशन सेंटर, रिटेल आउटलेट, फूड कोर्ट, कॉन्फ्रेंस सुविधाएं, सर्विस अपार्टमेंट, पार्किंग आदि सुविधाएं विकसित की जाएंगी। एक्सप्रेसवे, रैपिड रेल कनेक्टिविटी की वजह से यह योजना शहर के विकास को गति देगी। बड़े संस्थानाें को भी यह आकर्षित करने का काम करेगी।
खास बात यह है कि इससे 25 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। दूसरी योजना इंटीग्रेटिड लॉजिस्टिक्स व सप्लाई चेन पार्क है। यह 45 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित की जानी है। इसपर 733 करोड़ का खर्च अनुमानित है। इसमें ग्रेड एक के वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, ट्रक टर्मिनल, कंटेनर यार्ड, स्वचलित भंडारण आदि सुविधाएं होंगी। गाजियाबाद हापुड़ कॉरिडोर पर विकसित होने वाली इस योजना से निवेश बढ़ेगा और 12 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा मल्टीस्टोरी को वर्किंग ऑफिस एवं कमर्शियल कॉम्प्लेक्स योजना पर भी काम किया जाना है। इसपर 43 करोड़ खर्च किया जाएगा। नए बस अड्डे के सामने इसके लिए जगह चिह्नित की गई है। इसमेें भी वर्किंग स्पेस, कार्यालय, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, फूड कोर्ट आदि विकसित किए जाएंगे। छोटे उद्यमियों को लुभाने में यह एक बड़ा माध्यम बनेगा। रोजगार के अवसर भी बढेंगे। कुल मिलाकर तीनों योजनाओं से रोजगार के साथ निगम की दीर्घकालिक आय बढ़ेगी।
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