चुनावी साल में अब राजनीतिक दलों में ‘क्रेडिट वॉर’ शुरू हो गई है। अब विकास कार्यों के शिलापट्ट पर सिर्फ मेयर, पालिका चेयरमैन, नगर आयुक्त और पार्षदों का नाम नहीं होगा। नगर विकास विभाग के फंड से कराए गए विकास कार्यों के शिलापट्ट पर अब मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री और क्षेत्रीय विधायक का नाम भी दर्ज किया जाएगा।
नगर विकास सचिव ने सभी डीएम, नगर आयुक्त और नगरपालिकाओं के अधिशासी अधिकारियों को आदेश जारी कर सख्ती से पालन के निर्देश दिए हैं। यानी सपा सरकार अब काम कराने का पूरा क्रेडिट भी लेगी।
सपा सरकार के चार साल के कार्यकाल में ऐसा पहली बार हो रहा है जब नगर विकास विभाग ने शिलापट्ट पर नामों को लेकर ऐसी बंदिश लगाई है।
इससे पहले महापौर, नगर आयुक्त, चीफ इंजीनियर और स्थानीय पार्षदों का नाम ही शिलापट्ट पर रहता था। अब चुनावी साल में सरकार लोगों के बीच संदेश देना चाहती है कि विकास कार्य नगर निगम नहीं बल्कि प्रदेश सरकार करा रही है।
नगर विकास विभाग के सचिव एसपी सिंह ने आदेश में कहा है कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों से संबंधित पूर्व में लगाए गए शिलापट्ट में भी तत्काल संशोधन कराया जाएगा। यानी पूर्व में पत्थर लगा चुके महापौर, पार्षद और अफसरों का नाम अब शिलापट्ट से हटाया जाएगा।
उन्होंने आदेश में कहा है कि सभी डीएम, नगर आयुक्त और अधिशासी अधिकारी शासन को सूचना देंगे कि इस आदेश का पालन कराया जाना शुरू कर दिया गया है।
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निगम में हड़ताल के जरिए दो संगठनों में क्रेडिट वार
गाजियाबाद। नगर निगम में सफाई कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने के मामले में भी सफाई कर्मियों के दो संगठनों में ‘क्रेडिट वॉर’ शुरू हो गई है। 250 रुपये प्रतिदिन से बढ़ाकर वेतन 15,300 रुपये प्रतिमाह किए जाने को लेकर पूर्व में सफाई कर्मचारियों का एक संगठन भूख हड़ताल कर चुका है। महापौर और नगर आयुक्त ने आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास कराकर वेतन बढ़ाने का आश्वासन दिया और उनकी भूख हड़ताल खत्म कराई।
उनकी भूख हड़ताल के वक्त नगर निगम सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने उस संगठन की हड़ताल का विरोध कर उसे नौटंकी बताया था। निगम अफसरों के करीबी माने जाने वाले इस संघ ने भूख हड़ताल कर रहे संगठन के पदाधिकारियों से मारपीट कर उन्हें निगम से बाहर भगा दिया था। अब इस संगठन को लगा कि वेतन बढ़ोतरी पर दूसरा संगठन श्रेय ले रहा है तो नगर निगम सफाई कर्मचारी संघ खुद हड़ताल पर चला गया। 8 जून से शहर में सफाई व्यवस्था ठप है।