गाजियाबाद। अलाव के लिए लकड़ी खरीद का मामला और उलझ गया है। टेंडर में आई ज्यादा दरों पर विवाद हुआ तो महापौर ने भाजपा पार्षद लवली कौर की अध्यक्षता में कमेटी बना दी। यह कमेटी भी अभी तक लकड़ी की दरों पर निर्णय नहीं ले पाई। कमेटी की अध्यक्ष लवली कौर का कहना है कि वह किसी के दबाव में रेट फाइनल नहीं करेंगी।
दरअसल, बीते साल नगर निगम ने अलाव की लकड़ी महज 465 रुपये प्रति क्विंटल की दरों पर खरीदी थी। इस बार टेंडर में सबसे कम रेट 890 रुपये प्रति क्विंटल आया है। न्यूनतम रेट भी बाजार भाव से लगभग दोगुना है।
उद्यान विभाग की निविदा समिति के सदस्य व भाजपा पार्षद मुकेश त्यागी ने इस दर को नेगोशिएशन कर कम कराने का सुझाव दिया था। इस पर महापौर अशु वर्मा ने भाजपा पार्षद लवली कौर की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर लकड़ी की दरों पर निर्णय लेने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
कमेटी के गठन के बाद एक अन्य फर्म ने अब 648 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर लकड़ी की आपूर्ति देने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन यह दरें अभी भी ज्यादा हैं। शुक्रवार को लवली कौर ने कमेटी की बैठक बुलाई लेकिन उसमें कई सदस्य नहीं पहुंचे।
ऐसे में कमेटी की अध्यक्ष ने इन दरों को स्वीकृति नहीं दी है। सूत्रों की मानें तो ज्यादा रेट पर लकड़ी खरीदी जाने में निगम अधिकारी और महापौर खुद अपने हाथ नहीं फंसाना चाहते हैं। ऐसे में पार्षदों की कमेटी के कांधों पर रेट तय करने की जिम्मेदारी डाल दी, ताकि विवाद होने पर अधिकारियों के ऊपर कोई आंच न आए।
उधर, महापौर का कहना है कि जल्द ही इसमें निर्णय ले लिया जाएगा और अलाव के लिए लकड़ी की आपूर्ति मिल जाएगी। उधर, कमेटी की अध्यक्ष लवली कौर का कहना है कि वह पूरी तस्दीक करके ही लकड़ी के रेट पर निर्णय लेंगी। किसी के दबाव में निर्णय नहीं लिया जाएगा।