गाजियाबाद। राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत जिले में महिलाओं की ओर से संचालित की जाने वाली कैंटीन जगह नहीं मिलने के कारण खुल नहीं पा रही हैं। इसके लिए कई विभागों को पत्र लिखे गए हैं, लेकिन अभी तक किसी भी विभाग ने जमीन उपलब्ध नहीं कराई है।
इस कैंटीन के लिए 350 वर्ग फीट जमीन विभाग को निशुल्क उपलब्ध करानी है। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इन कैंटीनों को संचालित करेंगी। यह सभी तहसीलों में खोली जानी हैं। जगह न मिलने के बाद अब इसके लिए स्कूल, कॉलेजों को भी पत्र लिखकर जगह उपलब्ध कराने की मांग की गई है। मिशन की ओर से 8 कैंटीनों का प्रस्ताव तैयार किया गया था, बाद में तीन कैंटीन के लिए प्रस्ताव फाइनल हुआ, लेकिन इनके लिए जमीन ढूंढ़ना भी विभाग के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। इस संबंध में जिला मिशन प्रबंधक स्मिता शिवहरे का कहना है कि इस साल तीन कैंटीन खोलने का लक्ष्य है, लेकिन जमीन नहीं मिलने के कारण यह पूरा नहीं हो पा रहा है। कोई भी विभाग निशुल्क जमीन देने को तैयार नहीं है। इस संबंध में जल्द ही बैठक होगी। अब कई सरकारी स्कूलों और कॉलेजों को भी पत्र लिखा गया है।
केवल 15 हजार परिवार जुड़े
इस बार 66 स्वयं सहायता समूहों के साथ एक लाख परिवारों को जोड़ा जाना है, लेकिन अभी तक मात्र 15 हजार परिवार ही जुड़ सके हैं। सरकारी योजना के प्रति लोग उदासीनता दिखा रहे हैं।