सार
पहले महिलाओं के नाम 10 से 15 फीसदी बैनामे होते थे, जबकि अब 40 फीसदी हो रहे हैं। गाजियाबाद में 5,882 महिलाओं के नाम एक महीने में बैनामे कराए गए। महिलाओं को स्टांप ड्यूटी में 8.97 करोड़ की छूट मिली है।
महिलाओं के लिए स्टांप शुल्क में छूट का दायरा बढ़ जाने से बैनामों का गणित बदल गया है। जहां पहले सिर्फ 10 से 15 फीसदी बैनामे ही महिलाओं के नाम होते थे, वहीं अब इनकी प्रतिशत 40 तक पहुंच गया है। इसकी वजह छूट का दायरा दस लाख से बढ़ाकर एक करोड़ कर दिया गया है।
निबंधन विभाग के आंकड़े इसका साक्ष्य हैं। दिसंबर 2025 में 5882 महिलाओं के नाम संपत्ति के बैनामे कराए गए। ये प्लाट, फ्लैट और खेत के बैनामे हैं। कुल बैनामे 12,472 हुए। पुरुषों को कुल सात फीसदी स्टांप ड्यूटी देनी होती है। महिलाओं को एक करोड़ तक की मूल्य की संपत्ति पर छह फीसदी की दर से स्टांप शुल्क देना होता है। पहले यह छूट दस लाख तक की संपत्ति पर ही थी। अगर संपत्ति का मूल्य दस लाख से ज्यादा होता तो महिला के लिए भी सात फीसदी शुल्क तय था।