बड़का आरिफपुर गांव में ठेका बंद कराने के लिए सोमवार को महिलाओं ने जमकर हंगामा किया। वे लाठी-डंडे लेकर ठेके पर पहुंची और जमकर तोड़फोड़। महिलाओं का गुस्सा देख ठेका संचालक वहां से भाग गया। इस बीच महिलाओं की पुलिस से भी जमकर नोकझोंक हुई।
महिलाओं ने दोबारा ठेका खुलने पर आग लगाने की चेतावनी दी है। बड़का आरिफपुर गांव में शराब का ठेका है। सोमवार को गांव की महिलाएं हाथों में लाठी-डंडे लेकर ठेके पर पहुंची और ठेका बंद करने की मांग को लेकर हंगामा करने लगीं। ठेका संचालक ने जब उन्हें समझाने की कोशिश की तो उनका गुस्सा फूटा पड़ा।
उन्होंने ठेके का ताला तोड़कर अंदर रखी शराब की बोतलों को सड़क पर फेंक दिया। महिलाओं ने ठेके में आग लगाने की भी कोशिश की। महिलाओं का गुस्सा देख ठेका संचालक किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकला। हंगामे की सूचना पर जब पुलिस मौके पर पहुंची महिलाएं उनसे भी भिड़ और खुद जिप्सी में बैठ गई।
पुलिस वालों से महिलाओं की जमकर नोकझोंक हुई। महिलाओं का कहना था कि ठेके के कारण उनके घर में कलह बढ़ रही है। उनके पति शराब पीकर आए दिन घर में मारपीट करते हैं। घर का माहौल बिगड़ रहा है। शराबी आए दिन महिलाओं और युवतियों से छेड़छाड़ करते हैं।
महिलाओं ने यह भी बताया कि सोमवार को गांव निवासी श्याम सिंह ने शराब के नशे में पत्नी हरनंदी के साथ मारपीट कर दी। इससे तीन दिन पहले गांव निवासी ब्रह्मानंद ने शराब पीकर पत्नी के साथ मारपीट की थी और उसने जान देने की कोशिश की थी।
महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि दोबारा ठेका खुला तो वह उसमें आग लगा देंगी। हंगामा करने वाली महिलाओं में हरनंदी, सुलेंद्र, मीनू, सरोज, कृष्णा, कमलेश समेत सैकड़ों महिलाएं रहीं।