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Ghaziabad News: इकला में वेव सिटी बनाएगा महिला डिग्री कॉलेज

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गाजियाबाद। वेव सिटी योजना से प्रभावित पांच गांवों के किसान प्रतिनिधियों और वेव सिटी बिल्डर के प्रतिनिधियों के बीच शनिवार को जीडीए में सचिव राजेश कुमार सिंह की मध्यस्थता में बैठक हुई। किसानों की कई मांगों को बिल्डर प्रतिनिधि की ओर से मान ली गईं। इनमें इकला गांव में महिला डिग्री कॉलेज का निर्माण, योजना से प्रभावित गांवों के पुश्तैनी भूमिहीन किसानों को ईडब्ल्यूएस या एलआईजी फ्लैट निशुल्क देने की बात बिल्डर की ओर से मान ली गई हैं।
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वेव सिटी की ओर से उनके प्रतिनिधि अरुण कुमार ने बताया कि किसानों की ओर से रखीं गई चार मांगों पर सहमति दे दी गई है। किसानों की ओर से ग्राम इकला में महिला डिग्री कॉलेज खुलवाने की मांग की गई। इसके लिए कहा कि ग्राम समाज की जमीन निशुल्क जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, योजना के तहत आने वाले गांवों के सभी तालाबों का सुंदरीकरण वेव सिटी की ओर से कराया जाएगा। योजना से प्रभावित गांवों में रहने वाले पुश्तैनी भूमिहीनों को फ्लैट उपलब्ध कराने की मांग की गई। कंपनी की ओर से मांग मान ली गई है। योजना से प्रभावित गांवों में 50 लाख तक के विकास कार्य कराने पर सहमति दे दी गई है। तय किया गया कि सभी प्रकार के विवादों के जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। बैठक में जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह, अपर सचिव पीके सिंह, किसान संघर्ष समिति की ओर से अनुज चौधरी, सतीश त्यागी, देवेंद्र शर्मा समेत अन्य गांवों के किसान शामिल रहे। जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि कई बिंदुओं पर दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बन गई है। समिति की ओर से आठ फीसदी विकसित प्लॉट देने की बात पर सहमति नहीं बनी है।
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आठ प्रतिशत प्लाॅट नहीं देने पर किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी
डासना। वेव सिटी से प्रभावित ग्राम नायफल,महरौली,काजीपुरा,ईकला व इनायतपुर के आंदोलनरत किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए शनिवार को जीडीए दफ्तर में हुई बैठक में योजना में आठ फीसदी का विकसित प्लॉट देने किसानों ने मांग रखी। इ पर बिल्डर प्रतिनिधि की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं देने पर किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती हैं तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
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किसान नेता अनुज चौधरी ने कहा कि वेव सिटी द्वारा 2014 में किये गए समझौते को पूर्ण रूप से लागू किया जाए। बिल्डर ने अपने द्वारा लिखित समझौते में प्रभावित किसानों को आठ प्रतिशत विकसित प्लाट देने सहित कई बिंदुओं को अमल में लाने से मना कर दिया। इसके चलते किसानों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उक्त समझौता लगभग नौ साल पहले अमल में लाया जाना था लेकिन बिल्डर प्रशासन की मदद से लगातार किसानों को गुमराह कर रहा है। लंबे समय से इंतजार कर रहे किसानों के सब्र का बांध टूट गया है। किसानों ने कहा कि हर हाल में अपना हक लेकर रहेंगे और जल्द ही वेव सिटी में महापड़ाव आंदोलन किया जाएगा।
इस मौके पर अनुज चौधरी, टीकम नागर, अमित चौधरी, सतीश त्यागी, गजेंद्र फौजी,धर्मजीत प्रधान,सुन्दर चौधरी,मनोज कुमार, देवेन्द्र शर्मा,प्रदीप चौधरी,राजवीर सिंह,रविंद्र नागर,शेखर आदि किसान उपस्थित रहे।
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