साइबर ठगों ने वैशाली में रहने वाली 55 वर्षीय अर्चना खरे को कॉल कर अगले दो घंटों में सिम बंद होने की बात कही। कारण पूछने पर सिम से अलग-अलग बैंक खातों में हवाला की धनराशि ट्रांसफर होने और अश्लील मैसेज भेजने का आरोप लगाया। खुद को दिल्ली पुलिस इंस्पेक्टर बताने वाले युवक ने अर्चना खरे को सलाह दी कि वह सिम का दुरुपयोग करने वाले के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए। साथ ही सीबीआई अधिकारी को कॉल ट्रांसफर की गई।
खुद को सीबीआई अधिकारी बताने वाले ने अर्चना खरे पर आरोप लगाया कि उनके मोबाइल से 100 से अधिक बैंक खातों में धनराशि ट्रांसफर हुई है और ये पैसे हवाला के थे। महिला को बुरी परिस्थिति में होने का भय दिखाया। बताया कि उनके बैंक खातों की चेकिंग होगी। इसके लिए उनके बेटे को यूके से पकड़कर लाने की धमकी दी।
डरी सहमी अर्चना खरे को साइबर ठगों ने चार-पांच दिनों तक सुबह साढे नौ बजे से शाम के छह बजे तक वीडियो कॉल कर डिजिटल अरेस्ट रखा। मामले को निबटाने की एवज में रुपयों की मांग की गई। साइबर ठगों ने अर्चना खरे से 56 लाख छह हजार 377 रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराए। ठगी का अहसास होने पर पीड़िता ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।