गाजियाबाद। साइबर ठगी होने पर अगर आपने 48 घंटे में साइबर सेल और बैंक से शिकायत की तो ठगी की रकम वापस मिल सकती है। पुलिस की साइबर सेल की टीम ने तीन महीने में 37 लोगों को करीब 35 लाख की रकम वापस दिलाई है। ठगी के बाद यह रकम पेमेंट गेटवे से नहीं निकल पाई थी, पुलिस टीम ने इस रकम को फ्रीज करा दिया। ऐसे इन 37 लोगों की मेहनत की कमाई ठगों की जेब में जाने से बच गई।
साइबर सेल के प्रभारी निरीक्षक अनिल यादव का कहना है कि उनकी टीम ऐसे ही कई अन्य मामलों पर काम कर रही हैं। इन मामलों में साइबर ठगों ने अलग-अलग तरह के प्रलोभन देकर लोगों से ठगी कर ली है। ठगी का शिकार हुए लोगों की तत्परता और तत्काल शिकायत करने से उन्होंने रकम फ्रीज करा दी है। अब इन मामलों में रकम को शिकायतकर्ताओं को वापस दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
केस-1
सिहानी गेट थाना क्षेत्र के रहने वाले धर्मेंद्र राय के बैंक खाते से साइबर ठगों ने 98390 रुपये निकाल लिए थे। उन्हें बातों में उलझाकर डिटेल ले ली और फिर रकम निकाल ली। उन्होंने तत्काल बैंक और पुलिस को इसकी सूचना दी। उनकी शिकायत पर साइबर सेल की टीम ने तत्काल कार्रवाई कर बैंक से रकम को फ्रीज करा दिया। उनकी यह रकम वापस मिल गई है।
केस-2
इंदिरापुरम के रहने वाले प्रशांत कालरा गुरुग्राम में एनजीओ चलाते हैं। उनकी एनजीओ को सीएसआर फंड दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने उनसे ठगी कर ली। 12 फरवरी को उनके खाते से एक ही बार में 20 लाख रुपये निकाल लिए गए। उन्होंने दो घंटे में ही साइबर सेल से शिकायत की, तब तक उनके खाते से कुछ रकम निकाल ली गई थी। खाते में बकाया 6.55 लाख की रकम पुलिस ने फ्रीज करा दी और अब रिकवरी हो चुकी है। प्रशांत कालरा का कहना है कि कोर्ट के माध्यम से उन्हें जल्द ही यह रकम मिल जाएगी।
केस-3
राजनगर एक्सटेंशन के रहने वाले दिनेश कुमार वर्मा से साइबर ठगों ने 1.33 लाख की ठगी कर ली थी। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। साइबर सेल टीम ने बैंक से संपर्क किया तो उनके खाते से यह रकम ट्रांसफर होने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी। गेटवे से पेमेंट क्लीयर न होने पर पुलिस ने ट्रांजेक्शन को रुकवा दिया और रकम की रिकवरी करा दी।
केस-4
साहिबाबाद निवासी अनुज त्यागी को भी झांसा देकर साइबर ठगों ने उनके खाते से 92300 रुपये निकाल लिए थे। उनके पास मोबाइल पर संदेश आया तो ठगी का पता चला। उन्होंने तत्काल स्थानीय पुलिस को और फिर साइबर सेल में जाकर शिकायत की। समय रहते सूचना मिल जाने पर साइबर सेल की टीम ने उनकी रकम की भी रिकवरी कराकर उन्हें राहत दे दी।
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अगर ठगी हो जाए तो 24 घंटे में साइबर सेल के अधिकारियों और बैंक से करें शिकायत
साइबर सेल के प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार यादव ने बताया कि अगर किसी के साथ ठगी हो जाए और उसके खाते से रकम निकाल ली जाए तो अधिकतम 24 घंटे में सूचना पुलिस और बैंक को दे दें। अधिकांश प्रकरण में ऑनलाइन फंड ट्रांसफर में 24 से 48 घंटे लग जाते हैं। इस
अवधि में शिकायत मिल जाने पर पुलिस कार्रवाई शुरू कर देती है और बैंक से ऐसे लेनदेन को रुकवा देती है। समय पर शिकायत मिलने पर अधिकांश मामलों में ठगी की रकम की रिकवरी हो जाती है। उनका कहना है कि पेमेंट गेटवे से एक बार रकम ट्रांसफर हो गई तो फिर उसकी वापसी करा पाना संभव नहीं हो पाता।
यहां करें ठगी की शिकायत
साइबर ठगी होने के 24 घंटे के अंदर सूचना पुलिस की साइबर टीम को दे दें तो रुपया वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। ठगी की सूचना देने के लिए टोल फ्री नंबर 1930 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं या घंटाघर कोतवाली परिसर में गाजियाबाद कमिश्नरेट की साइबर क्राइम सेल के ऑफिस में जाकर लिखित शिकायत दे सकते हैं। इनके अलावा साइबर क्राइम सेल कार्यालय के मोबाइल नंबर 8929436699 पर कॉल करके भी सूचना दी जा सकती है।