गाजियाबाद। भाजपा पार्षद सचिन डागर की ओर से भरे सदन में सड़क बनवाने के लिए पैसा लेने के आरोपों से महापौर सुनीता दयाल अब मामले को लखनऊ तक ले जाएंगी। महापौर का कहना है कि सदन में झूठे आरोप लगाकर पार्षद ने न सिर्फ मेयर की बल्कि एक महिला की भी मानहानि की है। पार्षद के खिलाफ वह नगर विकास मंत्री और शासन को पूरी कुंडली के साथ शिकायत भेजेंगी।
महापौर का कहना है कि यह मामला वह प्रदेश संगठन में भी उठाएंगी। उनका कहना है कि कुछ जनप्रतिनिधियों के इशारे पर पार्षद ने ऐसा किया है, जबकि इसमें कोई सच्चाई नहीं है। जिस रास्ते को बनवाने का आरोप मुझ पर लगाया जा रहा है, वह रास्ता करीब 30 साल से बना हुआ है। पहले वह कच्चा रास्ता था, अब स्थानीय लोगों ने उसे पक्का बना लिया है, ताकि वाहनों के आवागमन में दिक्कत न हो। महापौर का कहना है कि नगर विकास मंत्री एके शर्मा को पत्र भेजने के बाद वह लखनऊ जाकर भी मिलेंगी, पार्षद की पूरी कुंडली उन्हें बताउंगी और सदस्यता खत्म कराकर ही दम लूंगी। उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि पार्क की जमीन पर झुग्गियां किसने लगवाई है और उनसे हर महीने उगाही की जा रही है। सरकारी जमीन कब्जाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को भी पत्र भेजकर पूरे मामले से अवगत कराउंगी।