स्मार्ट सिटी की ‘परीक्षा’ में फेल होने के बाद अब नगर निगम को जनवरी में फिर एक ‘परीक्षा’ देनी होगी। स्मार्ट सिटी की परीक्षा में प्रतियोगी सिर्फ 63 थे, लेकिन इस बार चुनौती देने के लिए 499 शहर और भी होंगे। जनवरी महीने में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय गाजियाबाद समेत देश के 500 शहरों में स्वच्छता सर्वेक्षण कराएगी।
स्वच्छता के आधार पर शहरों को रैंकिंग दी जाएगी।स्वच्छता के इस देशव्यापी सर्वेक्षण में शहरों की सफाई, नगर निगम के संसाधन, शहर में पब्लिक और कम्यूनिटी टॉयलेट्स की संख्या समेत कई मानक होंगे। सर्वे में गाजियाबाद के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के 62 शहर होंगे। यानी गाजियाबाद के लिए यह ‘परीक्षा’ स्मार्ट सिटी से भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण होगी।
इससे पहले जनवरी 2016 में भी ऐसा स्वच्छता सर्वेक्षण हो चुका है। तब गाजियाबाद समेत देश के 73 बड़े और चुनिंदा शहरों को इसमें शामिल किया गया था। गाजियाबाद इसमें भी पिछड़ गया था। यहां न तो पब्लिक टॉयलेट्स की संख्या मानकों के मुताबिक मिली और न ही कम्यूनिटी टॉयलेट्स की। सड़कों पर भी सफाई नहीं पाई गई थी।
अब जनवरी 2017 में यह सर्वेक्षण दोबारा होगा। हालांकि इस बार नगर निगम शहर में पब्लिक और कम्यूनिटी टॉयलेट्स का निर्माण करा रहा है। निगम अधिकारियों का दावा है कि शहर में सफाई व्यवस्था बेहतर हुई है।
यूपी के यह प्रमुख शहर भी रहेंगे सर्वे में
बुलंदशहर , हापुड़, खुर्जा, लोनी, मोदीनगर, मेरठ, नोएडा, रामपुर, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़, अमरोहा, बलिया, बांदा, बड़ौत, बरेली, मुरादाबाद, एटा, इटावा, गोरखपुर, फिरोजाबाद, गोंडा, आजम गढ़, फैजाबाद, झांसी, कानपुर, इलाहाबाद, लखनऊ