मुरादनगर। सूर्या विहार कॉलोनी से जनवरी 2026 में लापता हुई महिला की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, हत्या की धमकी देने पर पति ने अपने भाई के साथ मिलकर महिला को गला घोंटकर मार डाला था। इसके बाद शव को करीब 100 किलोमीटर दूर मुजफ्फरनगर ले जाकर जला दिया। पांच महीने तक राज दफन रहा, लेकिन 10 वर्षीय बेटी की गवाही ने पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने पति, देवर और शव ठिकाने लगाने में मदद करने वाले मामा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मुजफ्फरनगर के चरथावल क्षेत्र में एक बिटौरे के पास से राख व कुछ हड्डियां बरामद की हैं। इन्हें डीएनए जांच के लिए भेजा जाएगा, जिससे मृतका की पहचान और साक्ष्यों की पुष्टि हो सके।
एसीपी मसूरी भास्कर वर्मा ने बताया कि सूर्या विहार कॉलोनी में रहने वाली सोनिया के लापता होने के मामले में उसके भाई संदीप कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के दौरान एक जून को सोनिया की 10 वर्षीय बेटी नानी के घर पहुंची और उसने मां की हत्या की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने बच्ची के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और पूरे मामले का खुलासा किया।
पुलिस ने हत्या के आरोप में सोनिया के पति परविंद्र और उसके भाई विनोद को गिरफ्तार किया है। दोनों मूल रूप से मुजफ्फरनगर के चरथावल क्षेत्र के रहने वाले हैं। शव को जलाने में मदद करने के आरोप में सिगलपुर निवासी ब्रह्मपाल को भी गिरफ्तार किया गया है, जो परविंद्र का मामा है। पुलिस मुख्य आरोपी परविंद्र की मां बेदो देवी की भूमिका की भी जांच कर रही है।
घटना वाले दिन भी हुआ था विवाद : एसीपी के अनुसार, पुलिस पूछताछ में आरोपी परविंद्र ने बताया कि उसकी शादी 12 वर्ष पहले जानसठ (मुजफ्फरनगर) निवासी सोनिया से हुई थी। उनकी दो बेटियां हैं। सोनिया से उसका अक्सर विवाद होता रहता था। मामला बढ़ने पर सोनिया ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में दोनों के बीच समझौता हो गया, लेकिन सोनिया ने गांव में रहने से इन्कार कर दिया। इसके बाद करीब नौ महीने पहले वे नोएडा आ गए। वहां परविंद्र एक कंपनी में डिलीवरी बॉय का काम करने लगा। उसका भाई विनोद मुरादनगर की सूर्या विहार कॉलोनी में रहता था। नवंबर 2025 में परविंद्र भी अपने भाई के पास आकर रहने लगा। यहां भी पति-पत्नी के बीच विवाद होता रहता था। परविंद्र ने पुलिस को बताया कि एक दिन सोनिया ने उसकी मां से बच्चों की पिटाई को लेकर बहस की थी और बाद में मारपीट भी की। इस बारे में सवाल करने पर सोनिया ने परविंद्र को सोते समय हत्या करने की धमकी दी। इस बारे
में उसने परिचितों को बताया तो वह नीले ड्रम वाली घटना का हवाला देकर डराने लगे। इसी बीच 29 जनवरी 2026 को फिर विवाद हुआ और सोनिया ने दोबारा जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद परविंद्र ने भाई विनोद को बुलाया और दोनों ने मिलकर सोनिया की हत्या की साजिश रच डाली।
सोनिया को तलाशता रहा परिवार
पुलिस के अनुसार, परविंद्र जब सोनिया को लेकर नोएडा आया तो उसने घर का पता अपनी ससुराल में नहीं बताया। साथ ही नवंबर में गाजियाबाद जाने की जानकारी भी सोनिया के परिवार को नहीं थी। सोनिया के लिए जब कॉल आता तो परविंद्र उसके व्यस्त होने की बात कहता था। परेशान होकर सोनिया के भाई संदीप ने उसकी तलाश शुरू की। वह जानकारी करते हुए एक जून को सूर्या विहार कॉलोनी पहुंचे तो परविंद्र ने सोनिया के बाहर होने की बात कही।
बेड में छिपाकर ले गया शव
एसीपी ने बताया कि हत्या के बाद परविंद्र शव को बेड के बॉक्स में छिपाकर अपने गांव ले गया। वहां अंतिम संस्कार नहीं कर पाने पर उसने अपने मामा ब्रह्मपाल की मदद ली। दोनों शव को बोरे में भरकर सिगलपुर स्थित एक बिटौरे तक ले गए और वहां आग लगाकर जला दिया। पुलिस का कहना है कि बाद में बची हुई हड्डियों को पास के तालाब में फेंक दिया गया।
खिड़की से सब देख रही थी बेटी
घटना के समय 10 वर्षीय बेटी घर के बाहर थी। बच्ची ने खिड़की से पूरी वारदात देख ली। आरोप है कि जब पिता की नजर उस पर पड़ी तो उसे धमकाया गया कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो घर से निकाल दिया जाएगा। डर के कारण बच्ची कई महीने तक चुप रही। बाद में जब वह अपने ननिहाल पहुंची तो पूरी घटना परिजनों को बताई। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच की दिशा बदल गई।
पहले फंदे पर लटकाया फिर मुंह दबाया
पुलिस के मुताबिक, 29 जनवरी को आरोपियों ने पहले सोनिया के गले में फंदा डालकर उसे पंखे के कुंडे से लटका दिया। कुछ देर बाद नीचे उतारने पर उसकी सांसें चल रही थीं तो दोनों ने तकिये से उसका मुंह दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।