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Ghaziabad News: किसी ने अमेरिका से आकर किया वोट तो बूथ पर पहुंचे कई दिव्यांग

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चारु शर्मा
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साहिबाबाद। एशिया की सबसे बड़ी विधानसभा में वोट प्रतिशत भले ही सबसे कम रहा हो लेकिन यहां ऐसे लोग भी रहे जो वोट डालने पहुंचे तो वहां कतार में लगे लोगों ने भी उन्हें आगे जाने का रास्ता दिया। यहां के मतदान केंद्रों पर जहां 103 वर्ष के बुजुर्ग वोट डालने पहुंचे, वहीं बुजुर्ग दंपती जो अब शिकागो के ग्रीन कार्ड होल्डर हैं, वह फ्लाइट से वैशाली केवल इसलिए लौटे कि उन्हें भारत के लोकतंत्र महोत्सव में अपनी जिम्मेदारी निभानी थी। यही नहीं कई बूथों पर दिव्यांग युवा भी अपना वोट डालने पहुंचे।
वैशाली सेक्टर-4 निवासी सुरेश गुप्ता अपनी पत्नी सरोज गुप्ता के साथ शिकागो में अपने बेटे के पास रहते हैं। उन्होंने बताया कि वह अब अमेरिका में ग्रीन कार्ड होल्डर हैं। उन्होंने बताया कि शिकागो से भारत केवल वोट डालने के लिए आए हैं। सुरेश गुप्ता का कहना है कि वह जब भी विदेश में होते हैं तो उनको भारतीय होने पर बहुत गर्व होता है। सरोज ने बताया कि वह लोग यहां एक सप्ताह रहने के बाद वापस बेटे के पास चले जाएंगे। देश के प्रति जिम्मेदारी की परवाह करते हुए 103 वर्षीय अर्थला निवासी बदन सिंह मलिक भी अपना वोट करने पहुंचे। वहीं शहीदनगर में ऑक्सीजन नली लगाए हुए रहीमुद्दीन वोट डालने पहुंचे।
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गर्मी में भी बुलंद रहे दिव्यांगों के हौसले
गर्मी में भी इंदिरापुरम निवासी दिव्यांग माधव अपना वोट देने मतदान केंद्र पर पहुंचे। उन्होंने अपना वोट राष्ट्रहित में दिया। 20 वर्ष के माधव जन्म से ही मानसिक अस्वस्थ हैं। पहली बार वोट डालने के बाद माधव ने सेल्फी भी खिंचवाई। वहीं, वसुंधरा निवासी दिव्यांग पल्ल्वी जोशी ने भी राष्ट्रहित में अपना मतदान किया।
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