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Ghaziabad News: सास ने खाना बनाने के लिए कहा तो इंजीनियर बहू ने मांगा तलाक

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आशुतोष यादव
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गाजियाबाद। पति-पत्नी के जिस बंधन को सात जन्मो को बताया जाता है, वह अब जरा सी बात पर टूटने लगा है। परिवार न्यायालय में चल रहे तलाक के 12 हजार से ज्यादा मुकदमों में कई ऐसे ही हैं, जिनकी वजह बहुत बड़ी नहीं है। ऐसा ही एक मामला है, जिसमें इंजीनियर बहू ने सिर्फ इसलिए तलाक मांगा है क्योंकि सास ने उससे खाना बनाने के लिए कहा।



मामला शहर की एक पाॅश काॅलोनी का है। पति-पत्नी साॅफ्टवेयर इंजीनियर हैं और गुरुग्राम में अलग-अलग कंपनी में नौकरी करते हैं। महिला को 21 लाख सालाना और उसके पति को 19 लाख सालाना वेतन मिलता है। शादी सात महीने पहले हुई थी। यह प्रेम विवाह था। शादी के दो दिन बाद ही विवाद हो गया।
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महिला का कहना है कि शादी से पहले तय हुआ था कि ससुराल में उससे खाना नहीं बनवाया जाएगा। महिला की अधिवक्ता ने बताया कि उस दिन घरेलू सहायिका नहीं आई थी। सास ने दो बार खाना बनवाया। महिला ने अपनी मां से बात की। मां ने भी यही कहा कि जो लोग शादी के दो दिन बाद ही अपना रंग दिखाने लगे, वे बाद में और परेशान करेंगे।



महिला ने पहले परिवार परामर्श केंद्र में शिकायत की। वहां दो बार पति-पत्नी की काउंसलिंग की गई लेकिन सुलह नहीं हो पाई। इसके बाद महिला ने परिवार न्यायालय में तलाक के लिए केस दायर कर दिया। इसमें सुनवाई चल रही है।



काउसलिंग में दूर हो जाती हैं गलतफहमियां।।



इस समय 12 हजार से अधिक केस अदालत में चल रहे हैं। इनमें अधिकांश मामले ऐसे हैं, जो छोटी-छोटी बातों पर अदालत की चौखट तक पहुंच गए हैं। दो से तीन दौर की काउंसलिंग में कुछ जोड़ों की गलतफहमियां दूर हो जाती हैं और वो फिर से अपना परिवार बसा लेते हैं, लेकिन कई मामलों में काउंसिलिंग के दौरान भी जोड़े आपस में लड़ाई करने लगते हैं। अदालतें भी चाहती हैं कि अगर हल्की सी भी गुंजाइश हो तो परिवार बस जाए।







सास बर्तन धोने के लिए



कहती है, मुझे तलाक चाहिए



यह मामला भी प्रेम विवाह के बाद तलाक के लिए कोर्ट के चक्कर काटने का है। शादी डेढ़ साल पहले हुई थी। दोनों अलग-अलग जाति के हैं। युवक साहिबाबाद में जिम ट्रेनर है। युवती मुरादाबाद क्षेत्र की है और बीबीए पास है। युवती का कहना है कि सास ने उससे बर्तन धोने के लिए कहा, इसलिए उसे तलाक चाहिए। सास का कहना है कि उसने मजबूरी में ऐसा किया। उनके पति बीमार हैं। वह उन्हें देखने के लिए जा रही थी। इसलिए, बहू से बर्तन धोने के लिए कह दिया। इसी बात पर बहू नाराज हो गई। उसने मायके से परिजनों को बुला लिया। युवक की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने बताया कि युवती के परिजन पहले शादी के लिए राजी नहीं थे। इस पर युगल ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। तब जाकर शादी हुई थी।
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एक नहीं, कई कारण

एमएमजी अस्पताल की क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. चंदा यादव का कहना है कि पति-पत्नी के बीच दूरियां बनने की कई वजह हैं। एक तो सोशल साइट पर ज्यादा समय दिया जा रहा है। इससे एक दूसरे को समझने के लिए जितना समय चाहिए, वह नहीं दिया जा रहा। दूसरा देरी से शादी होने से विचारधारा में तालमेल नहीं बन पाता। शादी से पहले और बाद में किसी और से दोस्ती या प्रेम संबंध भी तलाक की वजह बन रहा है।
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