गाजियाबाद। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पूछा है कि जिले में कूड़ा एकत्रीकरण और निस्तारण की क्या व्यवस्था है। आठ हफ्ते में रिपोर्ट तलब की है।
अनुज शर्मा बनाम उत्तर प्रदेश सरकार आदि में प्रिंसिपल बेंच नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 24 नवंबर 2023 को मोरटा डंपिंग ग्राउंड के संदर्भ में आदेश पारित कर दो सदस्य कमेटी गठित की थी, जिसमें जिलाधिकारी गाजियाबाद एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड गाजियाबाद को निर्देशित किया था कि वह निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। लेकिन पूर्व आदेश नौ अगस्त 2023 के अनुपालन के विरुद्ध दो सदस्यीय कमेटी में जिलाधिकारी गाजियाबाद के की ओर से नगर निगम गाजियाबाद के स्वास्थ्य अधिकारी को तीसरा सदस्य बना दिया गया। अधिवक्ता दीपेश चौधरी और विक्रांत शर्मा ने बताया कि रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने एवं निरीक्षण कराए जाने पर आपत्ति करते हुए एनजीटी ने जिला अधिकारी गाजियाबाद को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही दोबारा कमेटी का गठन कर मेंबर सेक्रेटरी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उत्तर प्रदेश सरकार और सदस्य केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भारत सरकार की दो सदस्य कमेटी बनाकर पुनः निरीक्षण करने एवं विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश पारित किए हैं। कमेटी को निर्देशित किया है कि वह समस्त गाजियाबाद के सॉलिड वेस्ट के एकत्रीकरण एवं निस्तारण करने के संदर्भ में रिपोर्ट प्रस्तुत करें।