गाजियाबाद। एनपीएस की राशि निजी बैंकों में जमा होने की जानकारी मिलने पर शिक्षकों की चिंता बढ़ी है। बुधवार को सैकड़ों शिक्षक डीआईओएस कार्यालय में लेखाधिकारी से मिलने पहुंचे और नई पेंशन स्कीम के तहत जमा अपनी धनराशि की जानकारी ली। इसके अलावा डीआईओएस से लेकर तमाम अधिकारियों के पास दिनभर जानकारी के लिए फोन आते रहे। कई शिक्षकों के फोन अधिकारियों ने नहीं उठाए तो वह एक दूसरे से संपर्क कर इसकी जानकारी लेते दिखे। मोदी कॉलेज के शिक्षक प्रवीण जैनर ने बताया कि जैसे ही उनको जानकारी मिली तो उन्होंने डीआईओएस कार्यालय में अपने खाते में जमा धनराशि की जानकारी की। सबकुछ सही होने पर उनको सुकून मिला। हालांकि, रिकॉर्ड देखने पर शिक्षक काफी संतुष्ट नजर आए। माध्यमिक शिक्षक संघ के गाजियाबाद के जिलाध्यक्ष शरद वाजपेयी ने बताया कि कई शिक्षकों के उनके पास सुबह से ही फोन आ रहे थे। गाजियाबाद में इस तरह का कोई मामला नहीं हुआ है। रिकॉर्ड देखने पर पता चला कि यहां सभी शिक्षकों का एनपीएस का पैसा निजी बैंकों में जमा नहीं किया गया है। डीआईओएस राजेश श्रीवास ने बताया कि उनके यहां एनपीएस से जुड़ा कुछ भी अनुचित कार्य नहीं हुआ है।
-यह है पूरा मामला :
एनपीएस के तहत शिक्षकों के खाते से कुल वेतन की दस फीसदी धनराशि प्रतिमाह काटी जाती है। इसमें 14 फीसदी धनराशि राज्य सरकार देती है। इस धनराशि को डीआईओएस कार्यालय से एनएसडीएल संस्था के पास जमा कराया जाता है। हाल ही में नोएडा, वाराणसी, अलीगढ़, इटावा के शिक्षकों की एनपीएस के तहत जमा हुई धनराशि अधिकारियों की मिलीभगत से निजी बैंकों में जमा कर दी गई। इसमें गाजियाबाद जिले का नाम भी प्रकाश में आया था। इस प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।
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