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Ghaziabad News: हम नहीं रहेंगे...बात हमारी सच होंगी, स्पेस में लड़े जाएंगे भविष्य के युद्ध

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साहिबाबाद। 94वें वायु सेना दिवस की परेड में शामिल स्वदेशी लड़ाकू विमान और हथियार को देख सीना गर्व से चौड़ा हो गया। सेवानिवृत अधिकारियों ने कहा इतिहास की अलग चुनौतियां थीं और भविष्य की अलग होंगी। हर मौके पर भारतीय वायुसेना के जवानों का अदम्य साहस ही उनका साथी बनेगा। भविष्य के युद्ध स्पेस में लड़े जाएंगे और ड्रोन वाॅर होगा। उसकी चुनौतियों को देखते हुए भविष्य की तैयारियों को लेकर अपडेट होना होगा। यह बात वर्ष 2007 में एयर वाइस मार्शल पद से रिटायर्ड हो चुके प्रदीप कुमार (राष्ट्रपति अब्दुल कलाम से सम्मानित) ने कही। विशिष्ट और अति विशिष्ट पदक विजेता एयर वाइस मार्शल ने कहा अगले 10-15 वर्ष में हम नहीं होंगे, लेकिन हमारी बातें सच होंगी।


क्या बोले रिटायर्ड ऑफिसर


वायु सेना हर दिन नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। स्वदेशी फाइटर जेट ने देश की ताकत बढ़ाई है। हमारे समय में मोबाइल फोन तक नहीं होते थे, लेकिन हमने तब भी अपनी ताकत दुनिया में साबित की। आने वाले वर्षों में हम नहीं होंगे, लेकिन युद्ध अब स्पेस में लड़े जाएंगे, ड्रोन वॉर होगा और हमारी तरह जहाज भी रिटायर्ड हो जाएंगे।- प्रदीप कुमार, एयर वाइस मार्शल
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वह दिन भी देखा है जब सूचनाएं पहुंचाने में भी समय लगता था, बीते वर्षों में वायु सेना ने खूब तरक्की की है। आने वाले साल इलेक्ट्रॉनिक वॉर के हैं। सूचना तंत्र मजबूत हुआ है, एक्यूरेसी बढ़ी है तो जवानों का हौसला भी बढ़ा है। उनके समय में सीमित संसाधन में भी काम किया गया और गौरवगाथाएं लिखी गईं है। - विजय माथुर, विंग कमांडर



आज तकनीकी युद्ध का समय है, ड्रोन और मिसाइल के जरिये भविष्य के युद्ध होंगे, इसके लिए हमारे जवानों को शत्रुओं की तैयारियों को आंकते हुए अपने तंत्र को और अधिक मजबूत करना होगा। भविष्य में जवानों को यह भी याद रखना होगा कि उनके पूर्वजों में बिना तकनीकी युद्ध लड़े, लेकिन हौसले ने हर मुकाम पर साथ दिया और शत्रुओं को धूल चटाई। -एसके मित्तल, ग्रुप कैप्टन
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हमने जहाज से युद्ध लड़े हैं, सीमित संसाधन में अदम्य साहस का परिचय दिया है, अब तकनीकी स्तर पर सेना को मजबूत होते देख बेहद खुशी होती है। आने वाले समय में ड्रोन की जरूरत बढ़ेगी, युद्ध जहाजों की बजाय ड्रोन से लड़े जाएंगे, आईटी सेक्टर पर हमें अपनी सेना को और मजबूत करना होगा। ताकि शत्रुओं को धूल चटा सकें।- उदय नारायण सिंह, जूनियर वारंट ऑफिसर
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