गाजियाबाद में हिंडन नदी पर जलकुंभी हटाने के दौरान कच्चा बांध टूट गया, जिससे पानी तेजी से आवासीय क्षेत्रों की ओर बढ़ने लगा। प्रशासन ने मिट्टी डालकर बहाव रोकने की कोशिश की, लेकिन करहेड़ा और आसपास के इलाकों में जलभराव का खतरा बना हुआ है।
गाजियाबाद में हिंडन नदी पर जलकुंभी की सफाई के दौरान शाम को नूर नगर सिंहानी की तरफ बना बांध टूट गया। बांध टूटते ही पानी आवासीय इलाके की ओर तेजी से प्रवेश करने लगा। मौके पर मौजूद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने टूटे बांध को दोबारा ठीक करने का प्रयास किया और वहां मिट्टी डलवाई, बावजूद इसके पानी का बहाव करहेड़ा गांव की तरफ बना हुआ है।
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हिंडन नदी में गत एक सप्ताह से पानी का स्तर बढ़ रहा है। तीन दिन पहले ही सिटी फॉरेस्ट में पानी भरने लगा था। शनिवार की सुबह से ही सिटी फॉरेस्ट में पानी का स्तर बढ़ने लगा और करहेड़ा के शिवम एंक्लेव की ओर पानी प्रवेश करने लगा। स्थानीय लोगों की शिकायत पर दोपहर करीब दो बजे केबिनेट मंत्री सुनील शर्मा भी मौके पर पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिलाधिकारी और जीडीए वीसी को इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल राहत कार्य कराने के दिशा निर्देश दिए।
समय रहते नदी की सफाई न करने पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों की फटकार भी लगाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल्द से जल्द राहत कार्य शुरू किए जाएं। दिन से ही सिंचाई विभाग के कर्मचारी जलकुंभी निकालने का काम कर रहे थे। पूर्व पार्षद विजेंद्र चौहान ने बताया कि जलकुंभी निकालने के दौरान ही नूरनगर सिंहानी की ओर बना हुआ कच्चा बांध ढह गया जिससे पानी आवासीय इलाके की तरफ प्रवेश करने लगा। तत्काल वहां मिट्टी रखवाकर पानी रोकने का प्रयास किया गया बावजूद इसके पानी करहेड़ा स्थित श्मशान घाट की ओर पहुंचने लगा है। देर शाम तक शिवम एंक्लेव और नूर नगर श्मशान घाट की तरफ पानी के धीरे-धीरे बढ़ने का सिलसिला जारी रहा।