गाजियाबाद। उमस के बीच मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव ने लोगों की सेहत बिगाड़ दी है। रविवार को जिले के 66 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे आरोग्य मेले में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। बुखार, सर्दी-खांसी, सांस लेने में परेशानी, शरीर में दर्द और कमजोरी की शिकायत लेकर 4213 मरीज इलाज के लिए पहुंचे।
इनमें 169 मरीजों की हालत गंभीर मिलने पर स्वास्थ्य केंद्रों पर ही भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। वहीं, 543 मरीजों को खून की जांच, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन समेत अन्य आवश्यक जांच के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों का दबाव नगरीय क्षेत्रों के मुकाबले करीब 70 प्रतिशत अधिक रहा। चिकित्सकों ने मौसम में बदलाव के साथ बढ़ रहे वायरल संक्रमण को मरीजों की परेशानी की प्रमुख वजह बताया। बुखार और सांस संबंधी शिकायत वाले मरीजों की विशेष निगरानी की गई। मौसमी इन्फ्लुएंजा और स्वाइन फ्लू जैसे संक्रमण के संभावित लक्षणों पर भी चिकित्सकों ने नजर रखी।
चिकित्सकों के मुताबिक आरोग्य मेले में स्वाइन फ्लू का कोई मरीज नहीं मिला। घूकना नगरीय स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. ललित ने संदिग्ध लक्षण वाले मरीजों को सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर जांच कराने की सलाह दी। आरोग्य मेले में 974 गर्भवतियों और बच्चों का नियमित टीकाकरण भी किया गया। कुत्ते के काटने के करीब 44 मामलों में एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई गई।
धूप से बचें, पर्याप्त पानी पीएं
आरोग्य मेले के नोडल अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि बदलते मौसम में वायरल संक्रमण तेजी से फैलने का खतरा रहता है। लोगों को धूप से बचने के साथ पर्याप्त पानी पीना चाहिए। लगातार बुखार, खांसी या सांस लेने में परेशानी को सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण होने पर समय रहते चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। वायरल होने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है।