शव ले जाते समय रोती बिलखती सूर्या की मां सरोज ठाकुर
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तिरंगे में दी गई अंतिम विदाई
ग्रामीणों की मांग पर प्रशासन ने चिराग के पार्थिव शरीर को तिरंगे से सम्मानपूर्वक ढंकवाया। एडिशनल सीपी ने भरोसा दिलाया कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। वहीं कैबिनेट मंत्री और विधायक ने तत्काल पांच लाख रुपये की सहायता और शासन स्तर पर अतिरिक्त आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया और शाम को चिराग का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
ग़म में डूबा गांव, माता पिता हुए बेसुध
इंटरनेशनल खिलाड़ी चिराग की अंतिम यात्रा में पूरा गांव उमड़ पड़ा। तिरंगे में लिपटे बेटे को अंतिम विदाई देते समय पिता मनोज त्यागी और मां निशा त्यागी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों के विलाप और गांव के माहौल ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। ग्रामीणों का कहना था कि चिराग भारत की ओर से खेलकर जिले और देश का नाम रोशन करने वाला होनहार खिलाड़ी था।