गाजियाबाद। डीजल के 10 और पेट्रोल के 15 साल पुराने वाहनों की तलाश अब सोसायटियों और सार्वजनिक स्थानों पर बनी पार्किंग में होगी। इसको लेकर एआरटीओ प्रवर्तन के स्तर पर जहां सात टीमों का गठन किया गया है। वहीं, पुलिस और स्क्रैप सेंटर संचालकों से भी इसमें सहयोग मांगा गया है।
परिवहन आयुक्त ने एआरटीओ प्रवर्तन को रोजाना 500 वाहनों को स्क्रैप कराने का निर्देश जारी किए हैं। इसके बावजूद विभागीय अफसर रोजाना 50 का आंकड़ा भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं। हालत यह है कि मियाद खत्म होने के बाद भी पौने तीन लाख वाहन खुलेआम सडकों पर दौड़कर पर्यावरण की सेहत बिगाड़ रहे हैं। अफसरों का दावा है कि कार्रवाई के डर से वाहन स्वामियों ने फिलहाल वाहनों को पार्किंग में खड़ा कर दिया है। इसे देखते हुए सोमवार को एआरटीओ प्रवर्तन अमित राजन राय ने स्क्रैप सेंटर संचालकों की बैठक बुलाई। इसमें उनको क्रेन और अन्य संसाधन लेकर मौके पर मौजूद रहने के निर्देश दिए। एआरटीओ ने बताया कि सोसायटियों में बड़ी तादाद में मियाद खत्म हुए वाहन खड़े होने की जानकारी मिली है। सार्वजनिक स्थलों की पार्किंग में इन वाहनों की तलाश के लिए अभियान चलाकर जब्त किया जाएगा। जब्त करने के बाद वाहन स्वामियों को कोई लाभ नहीं मिलेगा, जबकि खुद सेंटर पर वाहन लेकर आने वाले को वाहन की निर्धारित कीमत के अलावा नए वाहन की खरीद पर कई प्रकार की छूट का लाभ भी मिलेगा।