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Ghaziabad News: दिल्ली में बीएस 4 के वाहनों की नो एंट्री, हापुड़ के सात हजार वाहन होंगे प्रभावित

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हापुड़। दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए एक नवंबर (आज) से बीएस 4 के व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश पर सख्ती होगी। इसका असर हापुड़ और आसपास के क्षेत्रों से दिल्ली आने-जाने वाले वाहन संचालकों के साथ आम लोगों पर भी पड़ेगा। जिले में बस, छोटे-बड़े व्यावसायिक मालवाहक वाहन, ट्रक और टैक्सी समेत कुल 7,372 वाहनों को प्रवेश नहीं मिलेगा। व्यावसायिक वाहनों का संचालन बंद होने से माल ढुलाई महंगी होगी और आवागमन में परेशानी होगी।
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परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में बीएस 4 श्रेणी में 247 बसें, 1,263 छोटे व्यावसायिक मालवाहक वाहन, 1,925 बड़े व्यावसायिक मालवाहक वाहन, 3,175 ट्रक और 762 टैक्सियां समेत अन्य इसमें शामिल हैं। इन सभी श्रेणियों को मिलाकर कुल संख्या 7,372 है। हालांकि, यह जिले में पंजीकृत वाहनों का आंकड़ा है। दिल्ली में प्रतिदिन प्रवेश करने वाले वाहनों की संख्या इससे अधिक है। बता दें कि प्रतिबंधों का असर सबसे अधिक ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों पर पड़ेगा। दिल्ली में माल पहुंचाने वाले पुराने वाहनों को प्रवेश की अनुमति नहीं मिलने पर ट्रांसपोर्टरों को निर्धारित मानकों वाले दूसरे वाहन लगाने पड़ेंगे। इससे माल ढुलाई का खर्च बढ़ना तय है। इसका असर व्यापारियों के साथ ही आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ने की आशंका है। वहीं, दिल्ली जाने वाले बस और टैक्सी संचालकों को भी अपने वाहनों की श्रेणी के अनुसार व्यवस्था करनी होगी। यात्रियों को बसों की उपलब्धता कम होने या किराये में बदलाव जैसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

वाहन बदलने का बढ़ेगा दबाव
छोटे कारोबारियों और वाहन मालिकों के सामने पुराने वाहनों को बदलने या वैकल्पिक व्यवस्था करने की चुनौती होगी। बीएस-6, सीएनजी, एलएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता मिलने से पुराने वाहन संचालकों पर नए वाहन खरीदने का आर्थिक दबाव भी बढ़ रहा है।
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इस श्रेणी के वाहनों को मिलेगी अनुमति
दिल्ली में एक नवंबर 2026 से बीएस-6 डीजल, सीएनजी, एलएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रवेश की अनुमति मिलेगी। दिल्ली के बाहर पंजीकृत बीएस-6 से नीचे के डीजल मालवाहक वाहनों को प्रवेश नहीं मिलेगा। बीएस-4 श्रेणी के मालवाहक वाहनों को मिली छूट 31 अक्तूबर को समाप्त कर दी गई है। इसके अलावा बीएस-6 से नीचे के व्यावसायिक डीजल वाहनों और सीएनजी व इलेक्ट्रिक के अलावा अन्य श्रेणी की बाहरी बसों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध रहेगा।
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— छवि सिंह, एआरटीओ प्रशासन
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