वसुंधरा सेक्टर दो में दिल्ली हावड़ा रूट पर निर्माणाधीन अंडरपास नवंबर में बनकर तैयार हो जाएगा। इसके चालू होने से गाजियाबाद से टीएचए, नोएडा व दिल्ली के बीच आवागमन करने वालों को वसुंधरा कट और मोहननगर के जाम से मुक्ति मिल जाएगी। हालांकि इस अंडरपास का निर्माण मोहननगर मेट्रो स्टेशन के ट्रैफिक से निपटने के लिए किया जा रहा है।
इसे खोलने की डेडलाइन नवंबर में इसलिए रखी गई है क्योंकि दिसंबर में दिलशाद गार्डन टू नया बस अड्डा मेट्रो चालू हो जाएगी।दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा के बीच मोहननगर मेट्रो स्टेशन सबसे छोटा होगा लेकिन यहां भीड़ सबसे ज्यादा होगी। मात्र 750 वर्गमीटर जमीन पर बन रहे मोहननगर स्टेशन पर यात्रियों को ठहरने की जगह नहीं मिलेगी।
यहां कोई पार्किंग भी नहीं होगी। इस स्टेशन पर ट्रैफिक के भारी दबाव की संभावना को देखते हुए जीडीए ने स्टेशन के पास दो अंडरपास बनाने का निर्णय लिया था। एक अंडरपास मोहननगर चौराहे पर प्रस्तावित है, जो जीटी रोड से ज्ञानी बॉर्डर की तरफ से दिल्ली जाने वाले ट्रैफिक को निकालेगा। अभी इस अंडरपास का निर्माण शुरू भी नहीं हो सका है।
ऐसे में जीडीए ने वसुंधरा अंडरपास के निर्माण में जोर लगाया है। यह अंडरपास मोहन नगर मेट्रो स्टेशन से करीब आधा किलोमीटर दूरी पर होगा। मेट्रो यात्रियों के लिए यह अंडरपास सबसे अधिक उपयोगी होगा। मोहन मीकिंस कंपनी से सटा हुआ दो लेन का यह अंडरपास दो महीने से बन रहा है।
रेलवे इसे 2.80 करोड़ की लागत से आधुनिक तकनीक से बना रहा है। अभी वसुंधरा साइड से तीन बॉक्स तैयार किए जा रहे हैं। एक सप्ताह बाद पुशिंग तकनीक के तहत बॉक्स को बारी बारी से रेलवे लाइन के नीचे बिछाने का काम शुरू हो जाएगा।
जीडीए के अधिशासी अभियंता चक्रेश जैन ने बताया कि अंडरपास के आसपास की जमीन की एनओसी जिला प्रशासन से लेकर रेलवे को उपलब्ध करा दी गई है ताकि रेलवे को निर्माण में कोई दिक्कत न आए। उन्होंने बताया कि दिसंबर में मेट्रो चालू होने से पहले यह अंडरपास जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
रेलवे फाटक स्थायी रूप से बंद, फिर भी आ जा रहे लोग
रेलवे ने अंडरपास के निर्माण को लेकर वहां रेलवे फाटक को करीब एक माह से स्थायी रूप से बंद कर दिया है। फिर भी जीटी रोड से वसुंधरा जाने वाले लोग जान हथेली पर रखकर फाटक के नीचे से आ जा रहे हैं। फाटक पर तैनात रेलवेकर्मी विजय पाल ने बताया कि इस जगह 24 घंटे के अंदर करीब ढाई सौ ट्रेनें अप डाउन करती हैं।
रेलकर्मियों की तरफ से बार बार लोगों को यह समझाया जाता है, लेकिन लोग मानते नहीं हैं। एप्रोच रोड बनाने में जीडीए को करनी पड़ेगी मशक्कत निर्माणाधीन अंडरपास से जीटी रोड की तरफ जाने वाली सड़क फिलहाल एक लेन की है। जीडीए ने इस सड़क को चार लेन बनाने का निर्णय लिया है।
स्थिति यह है कि इस सड़क से मोहन मीकिंस की बाउंड्री, एक तार फैक्ट्री और कई मकान सटे हुए हैं। सड़क को चार लेन करने के लिए यहां काफी तोड़फोड़ करनी होगी। इसी तरह अंडरपास से वसुंधरा साइड भी एप्रोच रोड बनाने के दौरान कुछ मकान और एक मंदिर आड़े आएंगे।